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03-Jul-2022 07:08 AM
PATNA: पिछले दिनों मगध विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के घोटाले हुए थे, जिसको लेकर अब पूर्व कूलपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की गिरफ्तारी तय है। शनिवार को निगरानी के स्पेशल जज मनीष द्विवेदी ने अभियुक्त डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के खिलाफ गिरफ्तारी का गैर जमानतीय वारंट जारी किया। वहीं मामले की जांच में जुटी निगरानी की एसवीयू की टीम ने निगरानी कोर्ट में पिछले दिनों एक आवेदन देकर अभियुक्त पूर्व कुलपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए वारंट का अनुरोध किया था।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की अग्रिम जमानत अर्जी पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर रखी है। आपको बता दें, पूर्व कुलपति उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं। उनके गोरखपुर स्थित आवास पर एसवीयू की टीम ने छापेमारी कर करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति.का खुलासा किया था। छापेमारी में 90 लाख रुपये नगद, विदेशी नोट समेत लाखों रुपये के गहने व जेवरात बरामद हुए थे। हालांकि एसवीयू की टीम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद से पूछताछ नहीं कर पाई थी।
गौरतलब है कि मगध विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपये के घोटाला मामले में एसवीयू की टीम मगध विश्वविद्यालय के चार अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व कुलपति पर विश्वविद्यालय के कुलपति रहते 30 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता करने का आरोप है। इसके अलावा ओएमआर शीट की खरीदारी और ई लाइब्रेरी समेत दूसरे मदों के लिए किए गए भुगतान, मगध विश्वविद्यालय में प्रतिनियुक्त गार्डों के भुगतान, खरीद का आर्डर देने और बगैर जांच पड़ताल के ही राशि का भुगतान करने का आरोप है।