ब्रेकिंग न्यूज़

कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे तेजस्वी यादव: कर दिया बड़ा ऐलान राज्यसभा चुनाव से पहले नितिन नबीन पहुंचे पटना, बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत 4 कांग्रेस विधायकों के ट्रेसलेस रहने के सवाल पर बोले अखिलेश सिंह, कहा..सब मेरे घर पर बैठा हुआ है, चिंता मत कीजिए दिल्ली की नाबालिग लड़की के साथ बिहार में गैंगरेप, प्रेमी के साथ घर से भागकर मोतिहारी स्टेशन पहुंची थी पीड़िता नरकटियागंज में संदिग्ध हालात में विवाहिता की मौत, मायके पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप सिवान का कुख्यात अयूब खान मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार, ‘खान ब्रदर्स’ गिरोह पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, होटल पनाश पहुंचे तेजस्वी, भाई वीरेंद्र बोले...हमारे पास 41 नहीं 48 विधायक हैं 24 घंटे में काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर नहीं होगी कार्रवाई: विजय कुमार सिन्हा इफ्तार में शामिल हुए मुकेश सहनी, रोजेदारों को दी रमजान की शुभकामनाएं Panorama Heights में भव्य Property Expo 2026, घर खरीदने पर 10% तक खास डिस्काउंट

पटना हाईकोर्ट में अब वर्चुअल तरीके से होगा कामकाज, कई जज और कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर

03-Jan-2022 03:53 PM

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना महामारी के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रभाव के रोक थाम व नियंत्रित किये जाने के मामले पर सुनवाई  हुई है. चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने शिवानी कौशिक व अन्य द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को बताने को कहा है कि करोना महामारी के तीसरे लहर के रोकथाम और स्वास्थ्य सेवा की क्या कदम उठाए जा रहे है. बताया जा रहा है कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक रूप से  जानकारी दी है कि पटना हाईकोर्ट के कुछ जज और कर्मी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. आपको बता दें कि इनकी संख्या की जानकारी नहीं दी गई है.


इसलिए मंगलवार से हाईकोर्ट में कामकाज वर्चुअल तौर पर ही किया जाएगा. वकीलों का जीवन भी बहुमूल्य है. इसलिए इन बातों को भी ध्यान में रखना होगा. कोर्ट ने पूर्व में भी सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से कहा था कि कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर हमें सावधानी बरतने की जरूरत है. कोरोना अभी गया नहीं है.



आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार ने बताया कि अगली सुनवाई  में राज्य के सभी जिलों के अस्पतालों के संबंध में पूरा ब्यौरा बुकलेट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार को नए सिरे से पूरे तथ्यों की जांच कर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था.