ब्रेकिंग न्यूज़

दिल्ली में शाहनवाज हुसैन के आवास पर ईद मिलन समारोह, नितिन नबीन-चिराग पासवान सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच

Home / news / 90 हजार प्राइमरी शिक्षकों की नियोजन प्रक्रिया पर पटना हाईकोर्ट ने लगाई रोक

90 हजार प्राइमरी शिक्षकों की नियोजन प्रक्रिया पर पटना हाईकोर्ट ने लगाई रोक

02-Jul-2020 07:51 AM

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के साल 2019 की 90 हजार से अधिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी है. राज्य सरकार को पटना हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस भर्ती कार्यक्रम की तिम चयन सूची को कोई भी नियोजन इकाई जारी नहीं करेगी. 

याचिकाकर्ता नीरज कुमार और अन्य की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकल पीठ ने  90 हजार से अधिक प्राथमिक शिक्षकों की नियोजन प्रक्रिया पर रोक लगाई है. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से चार सितंबर तक जवाब तलब किया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को यह बताने को कहा है कि विज्ञापन निकालने के बाद क्या नियमों में बदलाव हो  सकता है. 

शिक्षा विभाग ने 15 जून से 31 अगस्त तक 90 हजार प्रारंभिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए संशोधित नियोजन कार्यक्रम जारी किया था. जिसे लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायक की गई थी. याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि यह नियोजन कार्यक्रम 2019 का  है. एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों से जो सेवारत शिक्षक 18 महीने का डीएलएड कोर्स पास किया था, उन्हें भी इस नियोजन कार्यक्रम में आवेदन देने का अधिकार पटना हाई कोर्ट ने संजय कुमार यादव के मामले में पारित न्यायादेश के जरिए दिया था. हाईकोर्ट के उस आदेश पर शिक्षा महकमे ने एनसीटीई व सरकार से मन्तव्य लेते हुए नई अधिसूचना जारी की, जिसमें 2019 के शिक्षक नियोजन कार्यक्रम में डीएलएड अभ्यार्थियों सहित दिसंबर 2019 में उत्तीर्ण हुए कम्बाइंड टीईटी अभ्यार्थियों को भी आवेदन देने का मौका सरकार ने 8 जून को दिया था. शिक्षा विभाग ने 15 जून 2020 को जारी अपने आदेश से यह स्पष्ट किया कि वर्तमान नियोजन कार्यक्रम में सिर्फ उपरोक्त डीएलएड अभ्यार्थियों का ही आवेदन अनुमान्य होगा और दिसम्बर 2019 में उत्तीर्ण हुए कम्बाइन्ड टीईटी अभ्यार्थियों को नियोजन कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा. जिसके बाद याचिका दायर की गई थी. 

कब क्या हुई ------

पांच जुलाई, 2019 को नियोजन की प्रक्रिया शुरू हुई थी. 

बाद में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा कर 11 नवंबर, 2019 कर दी गई. 

21 मार्च 2020 तक नियोजन पत्र दे देने थे. 

21 जनवरी को पटना हाईकोर्ट में 18 माह का डीएलएड करने वालों को भी इसमें शामिल करने का आदेश दिया गया

आठ जून को नया शेड्यूल जारी किया गया, जिसके बाद जुलाई 2019 में सीटीइटी पास करने वाले डीएलएड अभ्यर्थियों को मौका 

नए शेड्यूल के अनुसार 31 अगस्त तक नियोजन पत्र बांट देने थे

पर पटना हाईकोर्ट ने 4 सितंबर तक इसपर रोक लगा दी है.