ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में हादसे की शिकार हुई तेज रफ्तार बस, यात्रियों में मची चीख-पुकार; दर्जनभर से अधिक लोग घायल बिहार में हादसे की शिकार हुई तेज रफ्तार बस, यात्रियों में मची चीख-पुकार; दर्जनभर से अधिक लोग घायल उस्ताद की बीवी के साथ फरार हुआ चेला, दो बच्चों की मां ने बताई चौंकाने वाली वजह हमारा लड़का SDO है... बिहार में फर्जी फोटो और जॉइनिंग लेटर दिखाकर लाखों की ठगी; शादी का सपना दिखाकर लूट लिया BIHAR NEWS : दर्दनाक सड़क हादसा: बेकाबू ट्रक ने मजदूर को कुचला, चालक-खलासी फरार Bihar News : फर्जीवाड़ा पकड़ में आया! बिहार के इस जिले में शिक्षक ने जाली अंक-पत्र से पाई नौकरी; अब निगरानी ने दर्ज कराया केस कलंक कथा ! E.E.की दौलत जान हर कोई हैरान, सुशासन की सच्चाई- करप्शन केस ठंडा भी नहीं हुआ और आरोपी 'जेल अधीक्षक' को सरकार ने दी फील्ड पोस्टिंग...हर कोई अचंभित VTR में बाघिन की संदिग्ध मौत से हड़कंप, वन विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी VTR में बाघिन की संदिग्ध मौत से हड़कंप, वन विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी Land For Job Scam : ''उलटी गंगा बहाने'' जैसा होगा ...', लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को ‘लैंड फॉर जॉब’ केस में अदालत से झटका, 1600 दस्तावेजों की याचिका खारिज

Home / news / 15 जून को CM नीतीश करेंगे बैंकर्स समिति की पहली बैठक, 20 लाख...

15 जून को CM नीतीश करेंगे बैंकर्स समिति की पहली बैठक, 20 लाख करोड़ के पैकेज पर होगी समीक्षा

12-Jun-2020 06:48 PM

PATNA : सीएम नीतीश कुमार 15 जून को 2020-21 की पहली राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की बैठक करेंगे। डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बताया कि बैठक में पिछले वर्ष की राज्य साख योजना की उपलब्धि के साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज व आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज के तहत बिहार में ऋण वितरण की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। बैठक में इस वर्ष के लिए निर्धारित 1.45 लाख करोड़ की राज्य साख योजना के क्रियान्वयन पर विचार किया जायेगा।


डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बताया कि बैंकों ने वर्ष 2019-20 के लिए निर्धारित 1 लाख 45 हजार करोड़ की वार्षिक राज्य साख योजना के विरूद्ध वर्ष 2018-19 की तुलना में 4 हजार 182 करोड़ कम यानी 1लाख 5 हजार 400 करोड़ का कर्ज वितरित कर मात्र 72.69 फीसदी ही लक्ष्य हासिल किया, जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में बैंकों ने 84.29 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर 1 लाख 9 हजार 582 करोड़ का ऋण वितरित किया था।


उन्होंने बताया कि बैठक में वर्ष 2018-19 की तुलना में 2019-20 में कृषि, एमएसएमई सहित अन्य क्षेत्रों में बैंकों द्वारा कम ऋण वितरण व 17 बैंकों तथा 22 जिलों की साख उपलब्धि राज्य साख योजना की उपलब्धि से भी कम रहने की भी समीक्षा की जाएगी।


सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इसके साथ ही बैठक में देश के एमएसएमई प्रक्षेत्र को 3 लाख करोड़ ऋण देने के प्रावधान के तहत बिहार में कितनों को कर्ज मिला के साथ किसान, मछुआरों व दुग्ध उत्पादकों को केसीसी, स्वयं सहायता समूह, फुटपाथी दुकानदारों को कर्ज एव मुद्रा के तहत शिशु लोन तथा ऋण अदायगी हेतु मोरेटोरियम आदि की भी गहन समीक्षा की जायेगी।