शेखपुरा में फर्जी लोन ऐप गिरोह का भंडाफोड़, साइबर पुलिस ने 5 ठगों को किया गिरफ्तार वैशाली में हेरोइन और अफीम के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, हुंडई वेन्यू कार से बड़ी खेप बरामद सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम सुप्रीम कोर्ट के रोक के बावजूद बिहार के इस यूनिवर्सिटी ने लागू कर दिया UGC के नए नियम, विरोध के बाद कुलपति ने उठाया यह कदम जुड़वां बेटियों के जन्म पर बहू की हत्या, पति और ससुर को उम्रकैद Bihar News: NH पर प्लाई लदे ट्रक में लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति का नुकसान; बाल-बाल बचा ड्राइवर Bihar News: NH पर प्लाई लदे ट्रक में लगी भीषण आग, लाखों की संपत्ति का नुकसान; बाल-बाल बचा ड्राइवर देखो-देखो गद्दार आ रहा है: संसद परिसर में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक बिहार में तकनीकी शिक्षा को नई रफ्तार: इन तीन जिलों में बनेगा डिजिटल तारामंडल, पॉलिटेक्निक और इनक्यूबेशन सेंटर को मिली मंजूरी बिहार में तकनीकी शिक्षा को नई रफ्तार: इन तीन जिलों में बनेगा डिजिटल तारामंडल, पॉलिटेक्निक और इनक्यूबेशन सेंटर को मिली मंजूरी
14-Mar-2024 12:23 PM
By First Bihar
DELHI: एक देश एक चुनाव के लिए गठित कमेटी ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू को सौंपी दी। कमेटी के अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 18,626 पन्नों की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपा। कमेटी ने देश में एकसाथ लोकसभा, विधानसभा चुनाव कराने के लिए संविधान में संशोधन की सिफारिश की है।
दरअसल, पिछले साल 2 सितंबर को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया था। गठन के बाद से समिति ने देशभर के राज्यों का दौरान किया और लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव को एक साथ कराने को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों से मुलाकात किया और उनकी राय ली।
गठन के बाद से ही यह कमेटी यह एक देश एक चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों, संवैधानिक विशेषज्ञों, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों और चुनाव आयोग और अन्य संबंधित लोगों के विचार जानने और जानकारी को एकत्रित कर रही थी। समिति के कार्यक्षेत्र में अन्य पहलुओं के अलावा शासन, प्रशासन, राजनीतिक स्थिरता, खर्च और वोटरों की भागीदारी पर चुनावों के संभावित प्रभाव की जांच करना शामिल है।
कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक देश एक चुनाव को लेकर ज्यादातर राजनीतिक दल सहमत हैं। इस समिति ने एकसाथ चुनाव कराने की व्यवस्था कायम रखने की सिफारिशें की हैं। साथ ही समिति ने लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए एक सिंगल वोटर लिस्ट बनाने की सिफारिश की है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों में संशोधन करने की भी सिफारिश की गई है।
समिति का मानना है कि उसकी सभी सिफारिशें सार्वजनिक डोमेन में होनी चाहिए, लेकिन इसको लेकर फैसला सरकार ही करें। समिति के अध्यक्ष रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस दौरान उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। अब राष्ट्रपति को समिति की रिपोर्ट पर विचार करना है।