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05-Nov-2022 09:42 PM
PATNA: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर सियासी गलियारे में एक बार फिर से बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। पिछले दिनों सीएम नीतीश ने कहा था कि केंद्र सरकार जान-बूझकर पिछड़े राज्यों को मदद नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि विशेष राज्य का दर्जा, पर केंद्र ने कभी ध्यान ही नहीं दिया। इसके बाद डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी कहा कि बिहार को अगर विशेष राज्य का दर्जा मिल जाए तो बिहार दो सालों के अंदर टॉप पांच राज्यों में पहुंच जाएगा। अब बीजेपी सांसद और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर पलटवार किया है।
सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव से पूछा है कि जब लालू प्रसाद देश के रेल मंत्री थे और केंद्र की सरकार में उनकी पकड़ मजबूत थी तब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिलवाया। लालू प्रसाद केंद्र की सरकार में इतने ताकतवर मंत्री थे कि आधी रात को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बुलवाकर बिहार में राष्ट्रपति शासन लगवा दिया था और फिर अगले पांच सालों तक आरजेडी यूपीए सरकार की मदद कर रही थी, उस समय लालू प्रसाद को बिहार का ख्याल क्यों नहीं आया।
वहीं उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार भी अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में इतने ताकतवर मंत्री रहे। जब वे केंद्र सरकार ने रेल और कृषि मंत्री थे तब तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाया नहीं। नीतीश कुमार के कहने पर पी.चिदंबरम ने रघुराम राजन कमेटि का गठन किया था। रघुराम राजन कमेटि ने इससे साफ तौर पर इनकार करते हुए कह दिया था कि विशेष राज्य के दर्जे के कंसेप्ट का कोई मतलब नहीं है। 14वें वित्त आयोग ने भी स्पेशल स्टेटस के अवधारणा को ही खत्म कर दिया।
बिहार की सरकार आज भी वही पुराना घिसा पिटा विशेष राज्य का दर्जा का रिकॉड बजा रही है। पिछले 13-14 सालों मे देश के किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिला है। नरेंद्र मोदी की सरकार ने बिहार को डेढ़ लाख करोड़ का पैकेज दिया वह विशेष राज्य के दर्जे से कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि जब जब नीतीश कुमार एनडीए से बाहर आते हैं तो वही राग अलापने लग जाते हैं। नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि जब वे रेल मंत्री थे तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यो नहीं दिलवाया।