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27-Jan-2023 01:05 PM
By First Bihar
PATNA: जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने आज एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से खुलेआम भिड़ गए। कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया है कि पिछले दो साल के भीतर उन्होंने आजतक कभी फोन करके नहीं बुलाया। आज जो मुख्यमंत्री मिलकर बात करने की बात कह रहे हैं उन्हें याद होना चाहिए कि दो साल की भीतर उन्होंने कभी पार्टी की समस्याओं को लेकर कोई बातचीत की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भी संतान है और मुझे भी संतान है, सीएम भी अपने बेटे की कसम खाएं और हम भी कसम खाते हैं, कि वे सच बोल रहे हैं या हम।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कई तरह की बातें उनके बारे में चल रही हैं जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हो गए हैं। उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि बात सोशल मीडिया के माध्यम से नहीं होनी चाहिए और आमने सामने आकर बात करनी चाहिए। लेकिन मीडिया के माध्यम से बात करने का सिलसिला खुद मुख्यमंत्री ने ही शुरू किया और बाद में कहते हैं कि मिलकर बात करें। शुरूआत हमने नहीं की बल्कि खुद मुख्यमंत्री ने ही की है। बार बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाने की मांग करने के बावजूद बैठक नहीं बुलाई जा रही है। ऐसा कोई मंच नहीं है जहां खुलकर बात हो सके। अगर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अविलंब करें तो उस बैठक में जाकर अपनी बात रखेंगे। आरजेडी की तरफ से जो डील की बात हो रही है, उसका भी खुलासा हो जाएगा।
कुशवाहा ने कहा कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सीएम से मिलकर पार्टी की कमजोरी के बारे में बातचीत की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने इसपर कोई ध्यान नहीं दिया। कुढ़नी उपचुनाव में कैसे पार्टी को कमजोर किया गया इसकी जानकारी उन्हें दी है। इस पर कार्रवाई करने के बजाए मुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया, उल्टे सीएम हमसे पूछते हैं कि बीजेपी में जाइएगा क्या। 2020 के चुनाव में जब पार्टी कमजोर हुई तो रालोसपा का विलय जेडीयू में हुआ। उस वक्त भी हमने कहा था कि जेडीयू कमजोर हुई है। उस वक्त हमने सीएम से कहा था कि जेडीयू की स्थित ठीक नहीं है। पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री ने कभी भी पार्टी को लेकर कोई बातचीत नहीं की। जब-जब मुलाकात की जरूरत हुई हमने उन्हें फोन किया।
उपेन्द्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा कि सीएम भी अपने संतान की कसम खाएं और हम भी अपने संतान की कसम खाते हैं, कि हम सही बोल रहे हैं या वे सही बोल रहे हैं। इतना होने के बाद भी मुख्यमंत्री जब भी बैठक करने को कहें हम उनके साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। जेडीयू आज बर्बाद हो रही है जिसका दर्द मुझे भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो तीन बार आए-गए लेकिन पार्टी में बहुत से लोग आए गए, इस बात को सीएम को बताना चाहिए। बिना ललन सिंह का नाम लिए कुशवाहा ने कहा कि जेडीयू में कई लोग ऐसे हैं तो आए और गए लेकिन नीतीश कुमार उनके बारे में बात नहीं करते हैं। कुशवाहा के इस बयान के बाद एक बार फिर बिहार की सियासत गरमा गई है।