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23-Sep-2021 07:03 AM
PATNA : बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद भले ही इस का अवैध कारोबार फल-फूल रहा हो लेकिन सरकार शराबबंदी के नियमों को और सख्त बनाने के लिए कदम आगे बढ़ा चुकी है यदि सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शराबबंदी को लेकर नियमों को और सख्त करने का फैसला किया है इससे जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास किया गया है अब किसी परिसर में शराब का निर्माण, बोतल बंदी, भंडारण, बिक्री या आयात-निर्यात जाने पर पूरे परिसर को सील किया जाएगा। जबकि आवासीय परिसरों के उस हिस्से को सीलबंद किया जाएगा जहां अवैध गतिविधि हुई ना कि पूरा परिसर। राज्य कैबिनेट ने बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम में संशोधन की स्वीकृति दी है।
सरकार ने इसे लेकर जारी आदेश में कहा है कि बिहार से गुजरने वाले मादक द्रव्य से लदे वाहनों को राज्य सीमा के अंदर प्रवेश करने के लिए घोषित चेकपोस्ट पर ही अनुमति लेनी होगी। ऐसे वाहनों को 24 घंटे के अंदर राज्य की सीमा से बाहर निकलना अनिवार्य होगा। सीमा में प्रवेश के समय वाहनों में डिजिटल लॉक लगाया जाएगा। इथनॉल का उत्पादन करने की कंपनी की गतिविधि सीसीटीवी कैमरे के अंतर्गत संचालित होगी। छावनी क्षेत्र या मिलिट्री स्टेशन को शराब भंडारण करने की अनुमति होगी और कैंटोनमेंट क्षेत्र से बाहर किसी भी कार्यरत या सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को शराब रखने या उपभोग की अनुमति नहीं होगी।
शराबबंदी को सफल बनाने के लिए नीतीश सरकार अब तकनीक का सहारा ले रही है हालांकि राहत की बात यह है कि आवासीय परिसर को लेकर सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। अब देखना होगा कि सरकार ने शराबबंदी में जिन नियम नए नियमों के अंदर संशोधन किया है उसका असर कितना हो पाता है।