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27-Dec-2020 07:57 PM
PATNA : बिहार चुनाव परिणाम के बाद अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं की पहली बैठक में एक बार फिर नीतीश कुमार ने अपना वैराग्य दिखाया. नीतीश ने कहा कि चुनाव के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनने की एक पैसे की इच्छा नहीं थी. लेकिन बीजेपी ने उन पर मुख्यमंत्री बनने का दबाव डाला. नीतीश बोले-मैं तो कह रहा था कि बीजेपी से किसी की भी मुख्यमंत्री बना दिया जाये, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे तनिक भी इच्छा नहीं थी इस पद की.
पार्टी की बैठक में बोले नीतीश
दरअसल बिहार चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की पहली औपचारिक बैठक बुलायी थी. रविवार को जेडीयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि उनकी इच्छा तो सेवा करने की थी. बीजेपी के नेताओं ने मुझसे व्यक्तिगत तौर पर बात की, दबाव डाला. तब वे मुख्यमंत्री बनने को तैयार हुए.
अरूणाचल के वाकये से नीतीश नाराज
अरूणाचल प्रदेश में जेडीयू के 6 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर भी नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि अरूणाचल में जेडीयू के 7 विधायकों में से 6 विधायकों को तोड़ लिया गया. एक विधायक बचे वो यहां बैठक में बैठे हैं. कई लोगों ने कई तरह की बातें मुझे बतायी हैं. हमारे मनोबल को तोड़ने की कोशिश की गयी. लेकिन हम घबराते नहीं है.
आरसीपी बाबू पार्टी को बहुत आगे ले जायेंगे
नीतीश कुमार ने कहा कि 2015 में भी वे पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना चाहते थे. लेकिन शरद यादव ने उन्हें जबरदस्ती अध्यक्ष बनवाया था. नीतीश ने कहा कि उन्होंने बहुत सोंच समझ कर आरसीपी सिंह को पार्टी की कमान सौंपी है. वे मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए पार्टी का सारा काम सही से नहीं देख पा रहे थे. लिहाजा संगठन के विस्तार का काम आरसीपी बाबू को सौंपा है. आरसीपी बाबू इस काम को सही तरीके से देखेंगे.
जेडीयू में कई पार्टियों का विलय होगा
नीतीश कुमार ने कहा कि 2014 में ही शरद यादव ने कहा था कि जेडीयू के साथ कई पार्टियों का विलय करा कर संगठन का विस्तार किया जाये. शरद जी ने सही बात कही थी. अब आरसीपी बाबू के जिम्मे उस काम को पूरा करने का भार है. आने वाले दिनों में जेडीयू में कई पार्टियों का विलय होगा. उनसे बातचीत चल रही है.