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29-Aug-2020 04:50 PM
NEW DELHI: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के दोनों राजनीतिक खेमों एनडीए और महागठबंधन में घमासान रहा है। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी महागठबंधन में घमासान की वजह रहे हैं जबकि लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान की वजह से एनडीए में कलह सुलगी रही है। जीतन राम मांझी महागठबंधन छोड़ चुके हैं और एनडीए में चिराग पासवान को लेकर सस्पेंस बरकरार है। अब एनडीए सीटों की खींचतान की वजह से भी कलह सुलगने के आसार नजर आ रहे हैं। दरअसल बीजेपी सांसद सुशील सिंह के एक बयान ने बवाल बढ़ा दिया है।
उन्होंने कहा है कि बीजेपी के पास पीएम मोदी जैसा चेहरा है जिसे चुनाव में जीत की गारंटी मानी जाती है ऐसे में बीजेपी को जेडीयू से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। बीजेपी सांसद के इस बयान के बाद जेडीयू और बीजेपी के बीच तनाव बढ़ सकता है। साथ हीं बयान के बाद यह सवाल भी वाजिब हो गया है कि क्या बीजेपी की रणनीति 2019 के लोकसभा चुनाव की तरह 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भी मोदी के चेहरे और काम के नाम पर वोट मांगने की है?
सवाल यह भी है कि क्या बीजेपी भी यह मानती है कि नीतीश कुमार को लेकर बिहार की एक बड़ी आबादी में नाराजगी है और इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता इसलिए उस नाराजगी और उसके नुकसान से बचने के लिए पीएम मोदी के चेहरे को ढाल बनाने की तैयारी है? आमतौर पर विधानसभा के चुनाव में पैमाना राज्य सरकार की सफलता और विफलता होता है। स्थानीय मुद्दे चुनाव में जीत हार तय करते हैं और सबसे दिलचस्प बात यह है कि कल हीं सीएम नीतीश कुमार ने आमलोगों से अपील की है कि आप मेरे काम को याद रखिए और उसके आधार पर वोट कीजिए लेकिन जेडीयू की सहयोगी बीजेपी के सांसद पीएम मोदी के नाम और काम पर वोट देने की बात कर रहे हैं.