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27-Jul-2020 05:57 PM
PATNA: बिहार में दिन प्रतिदिन गहराते जा रहे कोरोना के खतरे के बीच नीतीश सरकार ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को बदल दिया है. सरकार के बेहद खास माने जाने वाले अधिकारी प्रत्यय अमृत को स्वास्थ्य विभाग का प्रधान सचिव बनाये जाने की खबर है. वहीं, जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस को ऊर्जा विभाग के सचिव की अतिरिक्त जिम्मेवारी दी गयी है. उधऱ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटे मिहिर कुमार सिंह को श्रम विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है. सरकारी सूत्र इसकी पुष्टि कर रहे हैं लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है.
दरअसल दो दिन पहले कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के मौजूदा प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत की लापरवाही का मामला उठा था. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने शिकायत की थी कि प्रधान सचिव उनकी ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के निर्देश को भी नहीं मान रहे हैं. स्वास्थ्य सचिव लगातार कोरोना से जुड़े मामलों में फैसले लेन में देर कर रहे हैं जिससे स्थिति खऱाब होती जा रही है.
जानकार बताते हैं कि मंगल पांडेय की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हत्थे से उखड गये थे. उन्होंने कैबिनेट मीटिंग के दौरान ही प्रधान सचिव की जमकर खबर ली थी. इसके बाद जब उन्होंने विभाग की समीक्षा की तो कई लापरवाही सामने आयी. तभी स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को हटाने का फैसला लिया गया था.
हालांकि सरकार की ये कवायद अपनी नाकामी पर पर्दा डालने की ही कोशिश लग रही है. सरकार ने इससे पहले कोरोना के विस्फोट के दौरान ही स्वास्थ्य विभाग के सुपर एक्टिव प्रधान सचिव संजय कुमार को हटा दिया था. संजय कुमार पर कोई आरोप नहीं था और उनके काम की चारो ओर से तारीफ हो रही थी. लेकिन सरकार को उनका काम पसंद नहीं आया और कोरोना से जंग के बीच सेनापति को बदल दिया गया. संजय कुमार के हटने के बाद स्वास्थ्य विभाग का कामकाज लगातार बिगडता गया.
संजीव हंस को ऊर्जा की जिम्मेवारी
सरकारी सूत्रों से मिल रही खबर के मुताबिक जल संसाधन विभाग के सचिव संजीव हंस को ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. पहले ये विभाग प्रत्यय अमृत के जिम्मे था. वहीं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे मिहिर कुमार सिंह को श्रम संसाधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है.