दिल्ली में शाहनवाज हुसैन के आवास पर ईद मिलन समारोह, नितिन नबीन-चिराग पासवान सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
07-Jan-2020 10:08 AM
DELHI : निर्भया गैंगरेप मामले में सभी दोषियों को आज सजा का सज़ा का ऐलान आज हो सकता है. आज चारों आरोपियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में डेथ वारंट पर सुनवाई होगी.
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान एक आरोपी के पिता की फांसी को टालने की कोशिश भी बेकार हो गई. पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप केस के एकमात्र चश्मदीद गवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की याचिका खारिज कर दी है.जिसके बाद आज पटियाला हाउस कोर्ट निर्भया के चारों दोषियों के लिए सज़ा की तारीख मुकर्रर कर सकता है.
आपको बता दें कि 16 दिसंबर साल 2012 को दिल्ली में एक चलती बस में छह लोगों ने निर्भया के साथ गैंगरेप किया था. वीभत्स तरीके से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद दरिंदों ने निर्भया को मरने की हालत में सड़क पर फेंक दिया था. इस घटना के बाद से पूरे देश में जबरदस्त हंगामा और विरोध प्रदर्शन हुआ. जिसके बाद सरकार ने दुष्कर्म संबंधी कानून को और सख्त किया. वहीं इस घिनौनी वारदात में शामिल 6 लोगों में से राम सिंह की जेल में मौत हो गयी थी. वहीं एक नाबालिग दोषी बाल सुधार गृह में 3 साल बिता कर रिहा हो गया. ऐसे में निचली अदालत और हाईकोर्ट में चार लोगों पर मुकदमा चला. दोनों अदालतों ने चारों को फांसी की सजा दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे बरकरार रखा था.