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NEET पेपर लीक से कितने स्टूडेंट को फायदा हुआ? जांच एजेंसी और सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

NEET पेपर लीक से कितने स्टूडेंट को फायदा हुआ? जांच एजेंसी और सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

08-Jul-2024 05:21 PM

By First Bihar

DELHI: सुप्रीम कोर्ट में आज नीट परीक्षा के मामले पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय खंडपीठ ने सोमवार को नीट मामले से जुड़े कुल 38 याचिका पर एक साथ सुनवाई की। कहा कि नीट परीक्षा में यदि पेपर लीक हुई है तो इसका फायदा कितने छात्रों ने उठाया? इसका जवाब सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी और सरकार से मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी लेकिन उससे पहले याचिकाकर्ता और सरकार को अपना हलफनामा 10 जुलाई तक दायर करना होगा।


वही दोबारा नीट परीक्षा आखिर क्यों होनी चाहिए? इस सवाल का जवाब सुप्रीम कोर्ट ने  याचिकाकर्ता से अधिकतम 10 पेज में लिखकर देने को कहा है। साथ ही सरकार से सीबीआई जांच की रिपोर्ट भी मांगी है। नीट परीक्षा रद्द करने को कोर्ट ने सबसे अंतिम विकल्प माना है।


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कुल 38 अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थी। जिनपर सुप्रीम कोर्ट में आज एक साथ सुनवाई हुई। याचिकाओं में बीते पांच मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी और कदाचार का आरोप और परीक्षा को फिर से आयोजित करने का निर्देश देने वाली याचिकाएं शामिल थी।


बता दें कि एनटीए ने इसी साल पांच मई को परीक्षा आयोजित की थी जिसमें करीब 24 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद से ही इसपर सवाल उठने लगा और परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए पूरे देश में छात्रों ने हंगामा किया। इसके बार परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अदालतों में मामले दायर किए गए। परीक्षा में हुई धांधली की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया है।

DELHI: सुप्रीम कोर्ट में आज नीट परीक्षा के मामले पर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय खंडपीठ ने सोमवार को नीट मामले से जुड़े कुल 38 याचिका पर एक साथ सुनवाई की। कहा कि नीट परीक्षा में यदि पेपर लीक हुई है तो इसका फायदा कितने छात्रों ने उठाया? इसका जवाब सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी और सरकार से मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी लेकिन उससे पहले याचिकाकर्ता और सरकार को अपना हलफनामा 10 जुलाई तक दायर करना होगा।


वही दोबारा नीट परीक्षा आखिर क्यों होनी चाहिए? इस सवाल का जवाब सुप्रीम कोर्ट ने  याचिकाकर्ता से अधिकतम 10 पेज में लिखकर देने को कहा है। साथ ही सरकार से सीबीआई जांच की रिपोर्ट भी मांगी है। नीट परीक्षा रद्द करने को कोर्ट ने सबसे अंतिम विकल्प माना है।


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कुल 38 अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थी। जिनपर सुप्रीम कोर्ट में आज एक साथ सुनवाई हुई। याचिकाओं में बीते पांच मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी और कदाचार का आरोप और परीक्षा को फिर से आयोजित करने का निर्देश देने वाली याचिकाएं शामिल थी।


बता दें कि एनटीए ने इसी साल पांच मई को परीक्षा आयोजित की थी जिसमें करीब 24 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद से ही इसपर सवाल उठने लगा और परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए पूरे देश में छात्रों ने हंगामा किया। इसके बार परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अदालतों में मामले दायर किए गए। परीक्षा में हुई धांधली की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया है।