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24-Jun-2024 05:50 PM
By First Bihar
GOPALGANJ: NEET पेपर लीक मामले को लेकर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। वही अब बिहार के गोपालगंज जिले में फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। इस गिरोह के 3 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेजा गया है।
गोपालगंज एसपी स्वर्ण सिंह ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि 2023 में थावे थाना क्षेत्र के रामचन्द्रपुर गांव के शैलेश कुमार सिंह ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले गिरोह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शैलेश कुमार ने संस्कृत शिक्षक के पद पर नौकरी देने के झांसा देकर 52 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच में पुलिस जुटी थी।
इसी मामले में तीन नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि चौथा आरोपी ओमप्रकाश सिंह फरार हो गया है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर का विश्वजीत और मनीष सिंह, मोतिहारी का शाहिद राजा शामिल है। दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित शैलेश ने बताया था कि संस्कृत और अल्पसंख्यक विद्यालय में शिक्षक के पद की नौकरी के लिए 52 लाख रुपये दिया था। 21 जून 2022 को संस्कृत शिक्षा बोर्ड से आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र लाकर दिया था।
जब शैलेश संस्कृत बोर्ड गये तो पता चला कि किसी तरह की कोई बहाली नहीं निकली थी और ना किसी की नियुक्ति ही हो रही है। जब सच्चाई का पता शैलेश को चल गया तब उसनें उन लोगों से पैसे मांगने लगा जिसे उसने पैसे दिये थे। आरोपियों से रुपये देने से इनकार कर दिया। अब इस गिरोह के 3 सदस्यों को पुलिस ने दबोचा है हालांकि चौथा फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की है कई अहम सुराग मिले है।
GOPALGANJ: NEET पेपर लीक मामले को लेकर हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। वही अब बिहार के गोपालगंज जिले में फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। इस गिरोह के 3 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद सभी को जेल भेजा गया है।
गोपालगंज एसपी स्वर्ण सिंह ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि 2023 में थावे थाना क्षेत्र के रामचन्द्रपुर गांव के शैलेश कुमार सिंह ने फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाले गिरोह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शैलेश कुमार ने संस्कृत शिक्षक के पद पर नौकरी देने के झांसा देकर 52 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच में पुलिस जुटी थी।
इसी मामले में तीन नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि चौथा आरोपी ओमप्रकाश सिंह फरार हो गया है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में भोजपुर का विश्वजीत और मनीष सिंह, मोतिहारी का शाहिद राजा शामिल है। दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित शैलेश ने बताया था कि संस्कृत और अल्पसंख्यक विद्यालय में शिक्षक के पद की नौकरी के लिए 52 लाख रुपये दिया था। 21 जून 2022 को संस्कृत शिक्षा बोर्ड से आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र लाकर दिया था।
जब शैलेश संस्कृत बोर्ड गये तो पता चला कि किसी तरह की कोई बहाली नहीं निकली थी और ना किसी की नियुक्ति ही हो रही है। जब सच्चाई का पता शैलेश को चल गया तब उसनें उन लोगों से पैसे मांगने लगा जिसे उसने पैसे दिये थे। आरोपियों से रुपये देने से इनकार कर दिया। अब इस गिरोह के 3 सदस्यों को पुलिस ने दबोचा है हालांकि चौथा फरार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की है कई अहम सुराग मिले है।