Patna municipal corporation : पटना में रोशनी और पानी पर बड़ा फैसला, इन चीजों को मिली मंजूरी; अब दिखेगा बदला -बदला नजारा Bihar teacher : संभल जाएं सरकारी शिक्षक: इस जगह नहीं बनाई हाजिरी तो नहीं मिलेगा मासिक वेतन, विभाग ने जारी किया आदेश Bihar Pink Bus Scheme : बिहार में महिलाओं के हाथों पिंक बसों की कमान, तीन जिलों में खुलेंगे नए आईडीटीआर केंद्र Pappu Yadav : ईसीजी से अल्ट्रासाउंड तक: सांसद पप्पू यादव की जांच रिपोर्ट में क्या आया, डॉक्टरों ने बताया NEET student murder : NEET छात्रा कांड के बाद महिला छात्रावास में सुरक्षा कड़ी, सभी हॉस्टलों में CCTV और सख्त नियम लागू Bihar weather : बिहार मौसम अपडेट: गोपालगंज सबसे गर्म, सीवान सबसे ठंडा, कोहरे और ठंड का मिला-जुला असर NSMCH बिहटा कॉलेज स्थित बालाजी चारधाम मंदिर में वार्षिकोत्सव, भंडारा और भव्य महापूजन पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर चिराग पासवान की प्रतिक्रिया, कहा..बिना आधार नहीं होती कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर बेऊर जेल से PMCH लाए गए पप्पू यादव, निजी सचिव ने कहा..वार्ड में शिफ्ट करने के बजाय आधे घंटे तक कॉरिडोर में रखा गया बिहार में सरकारी मास्टर को सिर मुंडवाकर पूरे बाजार में घुमाया, छात्रा से रेप की कोशिश में गिरफ्तार
24-Dec-2023 09:33 AM
By First Bihar
PATNA : वर्ष 2023 को अलविदा कहने और नववर्ष 2024 के स्वागत करने के लिए पटनावासी नाव की यात्रा नहीं कर पाएंगे। पटना सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को गंगा नदी में नाव पर प्रशासन पर रोक लगा दी है। इसके बाद नए साल में पिकनिक मनाने की योजना रखने वाले राजधानी वासियों को थोड़ा झटका लगा है।
दरअसल, अनुमंडल गनाददाधिकारी के न्यायालय से जारी आदेश में कहा गया है कि नव वर्ष को लेकर गंगा नदी के तट पर आम लोगों की भीड़ लग जाती है। लोग गंगा नदी के उस पर जाकर पिकनिक मनाते हैं। ऐसे मिला लदान क्षमता से अधिक व्यक्तियों को नाव पर बैठाकर कर ले जाने से दुर्घटना होने की प्रबल संभावनाएं बनी रहती है।
वहीं, नाव दुर्घटना को देखते हुए इस बार नए प्रचलन पर रोक रहेगी। पटना सदर एसडीओ नवीन कुमार ने अनुमडल क्षेत्र में गंगा किनारे सभी घाटों पर धारा 144 के तहत यह आदेश जारी किया। निजी नावों पर रोक 24 दिसंबर से एक जनवरी की मध्य रात्रि तक लागू रहेगा। यह प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है कि नववर्ष के मौके पर हजारों लोग निजी नाव द्वारा एक से दूसरे किनारे तक जाते हैं। जिससे नाविकों द्वारा नाव पर ओवरलोडिंग कर दूसरे किनारे ले जाते हैं। जिससे दुर्घटना की प्रबल संभावना बनी रहती है।