ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Politics: नेता या मंत्री किसके बेटे को बचा रही है पुलिस? NEET छात्रा मौत मामले पर पप्पू यादव का सवाल Bihar Politics: नेता या मंत्री किसके बेटे को बचा रही है पुलिस? NEET छात्रा मौत मामले पर पप्पू यादव का सवाल Nawada road accident : अज्ञात वाहन की टक्कर से नाबालिग की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल; मातम का माहौल Smriddhi Yatra: कल इस जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा, 850 करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात जम्मू कश्मीर में बड़ा हादसा: डोडा में सेना की गाड़ी खाई में गिरी, 10 जवानों की मौत की खबर, 7 घायल Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी समेत 16 नक्सली ढेर Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी समेत 16 नक्सली ढेर Patna Municipal Corporation : पटना को स्वच्छ बनाने की नई पहल, हर वार्ड से चुने जाएंगे ‘नगर मित्र’, VMD पर मिलेगी पहचान Bihar Crime News: बिहार में चाय की दुकान में जिस्मफरोशी का गंदा खेल, पांच साल बाद ऐसे हुआ खुलासा रेल फाटक गिराकर चैन की नींद सोता रहा गेटमैन, गुमटी पर लग गई गाड़ियों की लंबी कतार, फिर क्या हुआ जानिये?

बिहार की बिटिया फलक की फिल्म 'चंपारण मटन' ऑस्कर की दौड़ में शामिल, सेमीफाइनल राउंड में मारी एंट्री

बिहार की बिटिया फलक की फिल्म 'चंपारण मटन' ऑस्कर की दौड़ में शामिल, सेमीफाइनल राउंड में मारी एंट्री

27-Jul-2023 06:05 PM

By First Bihar

MUZAFFARPUR: बिहार के मुजफ्फरपुर की बिटिया फलक की फिल्म 'चंपारण मटन' ऑस्कर अवार्ड के सेमीफाइनल राउंड में एंट्री मारी है। चंपारण मटन फिल्म बिहार की पृष्ठभूमि पर बनी है। अमेरिका, ऑस्ट्रिया, फ्रांस समेत कई देशों के बीच भारत की यह भारत की यह एकमात्र फिल्म है, जिसे ऑस्कर अवार्ड कैटेगरी में सफलता मिली है। 


इस अवार्ड के लिए दुनियाभर के फिल्म प्रशिक्षण संस्थानों की 1700 से अधिक फिल्मों का नामांकन हुआ था। चंपारण मटन का निर्देशन फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के रंजन कुमार ने किया है। जिसमें बिहार की बेटी फलक ने मेन लीड रोल प्ले किया है। स्टूडेंट एकेडमी अवार्ड 4 कैटेगरी में दिया जाता है। 


जिसमें फलक की फिल्म चंपारण मटन 16 फिल्मों से मुकाबला करेगी। नैरेटिव कैटेगरी की इस फिल्म को सेमीफाइनल में सिलेक्ट किया गया है। नैरेटिव श्रेणी में जर्मनी, बेल्जियम, अर्जेटिना जैसे देशों की फिल्में सलेक्ट की गयी है। चंपारण मटन फिल्म नैरेटिव समेत अन्य 3 श्रेणियों में शामिल भारत की एकमात्र फिल्म हो गयी है। ऑस्कर के लिए चंपारण मटन के चुने जाने से फलक काफी खुश है। 


फलक का कहना है कि आधे घंटे की इस फिल्म में बिहार के लोगों की रिश्तों में ईमानदारी की तस्वीर नजर आती है। फिल्म की कहानी लॉकडाउन के बाद नौकरी छूट जाने पर गांव लौटने और अपनी पत्नी की इच्छा पूरी करने पर आधारित है। पत्नी की इच्छा पूरी करने की कोशिश में लगे एक परिवार के इर्द-गिर्द इसे बुना गया है। इस फिल्म की कहानी की संवेदनशीलता हर किसी के दिल को छू रही है। यही इस फिल्म के यहां तक पहुंचने की वजह है। 


बता दें कि मुजफ्फरपुर की बिटिया फलक के पिता डॉ. एआर खान और मां डॉ. किश्वर अजीज खान दोनों एलएन मिश्रा मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर हैं। बेटी की इस सफलता से वे काफी उत्साहित हैं। उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है कि फलक की फिल्म चंपारण मटन ऑस्कर की दौड़ में शामिल हो गया है।