Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा में गरमाई सियासत: तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए आरोप, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा - तुमलोग कुछ काम किए हो जी Budget Session : सेंट्रल हॉल में क्या हुआ था CM नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बातचीत, सदन में नेता विपक्ष ने बताई पूरी कहानी Bihar Assembly : महिलाएं बिकती हैं..! तेजस्वी के बयान पर विधानसभा में बवाल..सत्ता पक्ष की महिला सदस्यों का भारी विरोध Bihar Assembly : अन्याय के साथ पूरे बिहार में हो रहा विनाश, सदन में बोलें तेजस्वी यादव - 11 साल से बिहार के लोगों को सुनाई जा रही घिसी-पिटी बातें Google से मोबाइल नंबर निकालते हैं तो हो जाएं सावधान! बिहार में फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा बड़ा खेल; अबतक पांच सौ लोगों से साइबर ठगी Google से मोबाइल नंबर निकालते हैं तो हो जाएं सावधान! बिहार में फर्जी कॉल सेंटर से चल रहा बड़ा खेल; अबतक पांच सौ लोगों से साइबर ठगी Bihar Crime News: ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा कोढ़ा गैंग का शातिर बदमाश, लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधी को लोगों ने दबोचा; पिस्टल-गोली बरामद Bihar Crime News: ग्रामीणों के हत्थे चढ़ा कोढ़ा गैंग का शातिर बदमाश, लूटपाट के बाद भाग रहे अपराधी को लोगों ने दबोचा; पिस्टल-गोली बरामद Excise raid : जमुई में यूट्यूबर की ‘PRESS’ कार सहित दो वाहनों से भारी विदेशी शराब बरामद
12-Feb-2020 09:32 AM
PATNA : अब मुखिया, सरपंच सहित पंचायती राज प्रतिनिधियों की संपत्ति की जानकारी आप भी ले सकते हैं. सूबे में पहली बार उन सब की संपत्ति सार्वजनिक की जाएगी.
इसे लेकर पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने सभी जिलो को निर्देश दिया है. इसके तहर सूबे के ढाई लाख जनप्रतिनिधियों को 31 दिसंबर, 2019 की कटऑफ डेट मानते हुए अपने संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर देना है. जिसके बाद इसका ब्योरा जिले की वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा. जहां से कोई भी व्यक्ति अपने इलाके के जनप्रतिनिधि के संपत्ति का ब्योरा देख सकता है.
बता दें कि बिहार सरकार के मंत्री, भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों, भारतीय पुलिस सेवा के पदाधिकारियों के अलावा सभी विभागों, आयोग और बोर्ड में काम करनेवाले सभी कर्मचारियों की चल और अचल संपत्ति हर साल 31 दिसंबर को सार्वजनिक कर दी जाती है. इसी तर्ज पर अब मुखिया, सरपंच सहित जनप्रतिनिधि की संपत्ति सार्वजनिक कर दी जाएगी. इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा.