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30-May-2023 04:33 PM
By SANT SAROJ
SUPAUL: सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत ठूठी पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय ठूठी में सोमवार को एमडीएम खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग के राज्य निदेशालय से तीन सदस्यीय टीम पहुंची है। जो स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर स्कूल सहित पीड़ित बच्चों के अभिभावक को स्कूल बुलाकर मामले की पड़ताल कर रही है।
जिसमें राज्य निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर मो मोतीउर्र रहमान, असिस्टेंट डायरेक्टर कुमार शशिरंजन एवं एपीसी रमेश प्रसाद शामिल हैं। उनके साथ डीपीओ माध्यमिक शिक्षा सह एमडीएम प्रभारी डीपीओ राहुल चन्द्र चौधरी, लेखापाल विप्लव कुमार साह, छातापुर एमडीएम बीआरपी बिनोद कुमार राम, बीआरसी लेखापाल रंजीत कुमार जांच में सहयोग कर रहे हैं।
राज्य निदेशालय से पहुंची टीम स्कूल परिसर में मंगलवार को पीड़ित सहित अन्य नामाांकित बच्चों के अभिभावकों से बात की। जहां पीड़ित बच्चा छोटू कुमार भगत के अभिभावक अरविंद कुमार भगत ने कहा कि कल की घटना के बाद हमलोगों ने अपने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया है। बच्चों को स्कूल नहीं जाने को कहा गया है। कल की घटना देख कर हमलोग हैरान हैं। कल स्कूल के खाने में गिरगिट गिर गया था। जहां शिक्षक ने बच्चों को खाना खिला कर छुट्टी देकर घर भेज दिया।
अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों ने जब देख लिया कि खाने में गिरगिट गिर गया था तो बच्चोें का इलाज कराना चाहिए था, ना की उन्हें छुट्टी देकर घर भेज देना चाहिए था।वहीं जांच के बाद जिले के डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी ने कहा कि तीन सदस्यीय कमेटी के द्वारा जाच किया गया। जांच रिपोर्ट हमलोग दे रहें। उस पर कार्रवाई हो जाएगा।इधर वहीं डिप्टी डायरेक्टर मो मोतीउर्र रहमान ने कहा कि लारपरवाही है। कोई जानबूझ कर नही किया है। यहां पर रसोईया और स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। घटना होती है तो उसके बाद बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावकों का डरना स्वाभाविक है।
SUPAUL: सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड अंतर्गत ठूठी पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय ठूठी में सोमवार को एमडीएम खाने के बाद बच्चों के बीमार पड़ने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग के राज्य निदेशालय से तीन सदस्यीय टीम पहुंची है। जो स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर स्कूल सहित पीड़ित बच्चों के अभिभावक को स्कूल बुलाकर मामले की पड़ताल कर रही है।
जिसमें राज्य निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर मो मोतीउर्र रहमान, असिस्टेंट डायरेक्टर कुमार शशिरंजन एवं एपीसी रमेश प्रसाद शामिल हैं। उनके साथ डीपीओ माध्यमिक शिक्षा सह एमडीएम प्रभारी डीपीओ राहुल चन्द्र चौधरी, लेखापाल विप्लव कुमार साह, छातापुर एमडीएम बीआरपी बिनोद कुमार राम, बीआरसी लेखापाल रंजीत कुमार जांच में सहयोग कर रहे हैं।
राज्य निदेशालय से पहुंची टीम स्कूल परिसर में मंगलवार को पीड़ित सहित अन्य नामाांकित बच्चों के अभिभावकों से बात की। जहां पीड़ित बच्चा छोटू कुमार भगत के अभिभावक अरविंद कुमार भगत ने कहा कि कल की घटना के बाद हमलोगों ने अपने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया है। बच्चों को स्कूल नहीं जाने को कहा गया है। कल की घटना देख कर हमलोग हैरान हैं। कल स्कूल के खाने में गिरगिट गिर गया था। जहां शिक्षक ने बच्चों को खाना खिला कर छुट्टी देकर घर भेज दिया।
अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों ने जब देख लिया कि खाने में गिरगिट गिर गया था तो बच्चोें का इलाज कराना चाहिए था, ना की उन्हें छुट्टी देकर घर भेज देना चाहिए था।वहीं जांच के बाद जिले के डीपीओ राहुल चंद्र चौधरी ने कहा कि तीन सदस्यीय कमेटी के द्वारा जाच किया गया। जांच रिपोर्ट हमलोग दे रहें। उस पर कार्रवाई हो जाएगा।इधर वहीं डिप्टी डायरेक्टर मो मोतीउर्र रहमान ने कहा कि लारपरवाही है। कोई जानबूझ कर नही किया है। यहां पर रसोईया और स्कूल प्रशासन की लापरवाही है। घटना होती है तो उसके बाद बच्चों को स्कूल भेजने में अभिभावकों का डरना स्वाभाविक है।