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मंत्रिमंडल विस्तार पर बीजेपी-नीतीश में नहीं बनी बात, CM बोले-मेरे हाथ में होता तो हो गया होता, उधर से नहीं आयी है लिस्ट

मंत्रिमंडल विस्तार पर बीजेपी-नीतीश में नहीं बनी बात, CM बोले-मेरे हाथ में होता तो हो गया होता, उधर से नहीं आयी है लिस्ट

08-Jan-2021 06:31 PM

PATNA: बिहार बीजेपी के प्रभारी भूपेंद्र यादव, संजय जायसवाल और दोनों डिप्टी सीएम कल यानि गुरूवार की शाम सीएम आवास पर नीतीश कुमार से गपशप करने गये थे. उस गपशप में कोई राजनीतिक बात नहीं हुई. ना तो कैबिनेट विस्तार पर चर्चा हुई और ना ही एमएलसी के मनोनयन पर. मजबूर नीतीश कुमार बोले-मेरी चलती तो कब का विस्तार हो गया होता. हमको तो आप लोग जानते ही हैं.


बीजेपी के सामने बेबस नीतीश

दरअसल गुरूवार को पटना पहुंचे भूपेंद्र यादव ने नीतीश कुमार और जेडीयू के अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह से मुलाकात की थी. बिहार बीजेपी के सर्वेसर्वा माने जा रहे भूपेंद्र यादव गुरूवार की शाम अपनी पूरी टीम के साथ सीएम आवास गये थे. उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, दोनों डिप्टी सीएम थे. वहीं सीएम आवास में जेडीयू के अध्यक्ष रामचंद्र प्रसाद सिंह मौजूद थे. तकरीबन आधे घंटे तक बैठक चली और फिर खबर आयी कि बीजेपी-जेडीयू में बात बन गयी है. लेकिन नीतीश ने इसका खंडन कर दिया है.


भूपेंद्र यादव से सिर्फ गपशप हुई

शुक्रवार को नीतीश कुमार मीडिया से बात करने सामने आये. सवाल पूछा गया कि क्या बीजेपी नेताओं से जो बात हुई उसमें मंत्रिमंडल विस्तार समेत दूसरे मामले हल हो गये. क्या बातचीत हुई. नीतीश बोले-कोई फैसला नहीं हुआ. मुख्यमंत्री ने कहा “बीजेपी नेता मिलने आये तो सहज बात हुई, उसमें कोई बातचीत नहीं हुई. बिल्कुल यूं ही..जिसको कहिये, गपशप, बातचीत. लेकिन उसमें कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई.” यानि भूपेंद्र यादव सिर्फ गपशप करने के लिए नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचे थे. उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई बातचीत नहीं की. ना ही एमएलसी चुनाव या मनोनयन पर कोई बात की. बीजेपी का पूरा अमला सिर्फ नीतीश से गप करने सीएम आवास पहुंचा था.


फिर बोले नीतीश-बीजेपी के कारण फंसा है मामला

मीडिया ने सवाल पूछा. मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा. नीतीश ने अपनी बेबसी जाहिर कर दी. उन्होंने कहा-कल भी बीजेपी के नेताओं से किसी किस्म की कोई बातचीत नहीं हुई. हमने अखबार में आज देखा कि कैबिनेट के विस्तार पर खबर छपी है, मुझे हैरानी हुई. नीतीश बोले-“आप लोग तो जानते हैं मंत्रिमंडल बनाने में इतना देर पहले कहां हुआ? पहले जब भी सरकार बनी हम शुरू में ही मंत्रिमंडल का गठन कर देते रहे हैं. लेकिन अब जब तक दूसरे लोगों की राय नहीं आ जायेगी तब तक कैबिनेट का विस्तार कैसे होगा. अभी तो कैबिनेट में कुल मिलाकर 14 लोग हैं. जब बीजेपी की रिपोर्ट आ जायेगी तो उस आधार पर मंत्रिमंडल का विस्तार हो जायेगा. कल की बैठक में कैबिनेट विस्तार पर कोई चर्चा नहीं हुई.”


नीतीश के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि जेडीयू-बीजेपी गठबंधन में सब उतना सामान्य नहीं है जितना दिखाने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी नेता बार-बार ये कहते रहे हैं कि गठबंधन में कोई गड़बड़ नहीं है. लेकिन बिहार जैसे बड़े राज्य को सिर्फ 14 मंत्रियों के साथ चलाया जा रहा है. सरकार गठन हुए दो महीने होने को हैं. नीतीश कुमार खुल कर बोल रहे हैं कि इसकी जिम्मेवार बीजेपी है. सियासी जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल चल रहा है. सत्ता के लिए दोनों का एक साथ रहना मजबूरी है. लिहाजा साथ हैं. लेकिन दिल नहीं मिल रहे हैं. देखना दिलचस्प होगा कि अंदर ही अंदर खेले जा रहे शह-मात के खेल का अंजाम क्या होता है.