ब्रेकिंग न्यूज़

तेजस्वी की हार पर मांझी ने कसा तंज, कहा..पैसा लेकर टिकट बेचिएगा तब विधायक मोबाइल ऑफ नहीं करेंगे तो क्या करेंगे मुजफ्फरपुर में किशोर को गोली मारने वाला जीतन राय गिरफ्तार, गोल्ड लूट कांड में भी था वांटेड नवादा में मेला देखने गये बच्चे को लगी गोली, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती वैशाली पहुंचे थाईलैंड के 300 बौद्ध भिक्षु, विश्व शांति के लिए की विशेष प्रार्थना बिहार राज्यसभा चुनाव: NDA की जीत पर रोहित कुमार ने जनता का जताया आभार, तेजस्वी यादव पर साधा निशाना बिहार में NDA ने सारी सीटें जीती: BJP कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल, जयश्री राम के लगे नारे राज्यसभा चुनाव के नतीजे आधिकारिक तौर पर जारी, नीतीश कुमार और नितिन नबीन को 44 विधायकों का मिला वोट उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की अपील का असर, करीब 300 राजस्व अधिकारी हड़ताल छोड़ काम पर लौटे नालंदा में 17 हजार रुपये घूस लेते शिक्षक गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथ दबोचा Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद

Home / news / मैथिली भाषा की अनदेखी का मामला विधानसभा में उठा, मिथिलांचल में फिर से...

मैथिली भाषा की अनदेखी का मामला विधानसभा में उठा, मिथिलांचल में फिर से शुरू हो पढ़ाई

23-Feb-2021 12:30 PM

PATNA : बिहार विधानसभा में आज मैथिली भाषा की अनदेखी का मामला मिथिलांचल से आने वाले विधायकों ने उठाया. विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए बीजेपी विधायक संजय सरावगी समेत अन्य विधायकों ने सरकार से यह मांग की कि मिथिलांचल के इलाके में मैथिली भाषा की पढ़ाई जल्द शुरू की जाएगी. संजय सरावगी ने कहा कि संविधान की अनुसूची में मैथिली भाषा शामिल नहीं थी, उस वक्त मिथिलांचल में मैथिली की पढ़ाई होती थी लेकिन अब जब अष्टम अनुसूची में मैथिली शामिल है, उसके बावजूद राज्य में मैथिली की पढ़ाई नहीं हो रही है.


ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मैथिली भाषा के विकास के लिए राज्य सरकार संकल्पित है. हम लगातार व्याख्याताओं की नियुक्ति मैथिली भाषा के लिए भी कर रहे हैं. मैथिली अकादमी के द्वारा पुस्तकें भी प्रकाशित की जा रही हैं. मैथिली पांडुलिपियों को संरक्षित करने का काम भी किया गया है.


सरकार के जवाब के बाद विधानसभा में संजय सरावगी ने कहा कि यह जरूरी है कि मिथिलांचल के इलाके में प्राथमिक विद्यालयों में मैथिली भाषा की पढ़ाई शुरू की जाए. एक वक्त था जब मैथिली भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया था. 50 नंबर का एक पेपर मैथिली भाषा का परीक्षाओं में हुआ करता था लेकिन आज ऐसा नहीं है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. संजय सरावगी ने कहा कि यह मामला भावनात्मक तौर पर भी मिथिला के साथ जुड़ा हुआ है.


जवाब में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि संविधान की अष्टम अनुसूची में मैथिली अगर शामिल है तो इसके लिए पूर्व से ही लोग जागरूक रहे हैं. विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मैथिली का इतिहास बहुत पुराना रहा है, मैथिली की अपनी लिपि रही है.