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06-May-2020 03:29 PM
MAHARASHTRA : कोरोना संकट के बीच बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फरमान जारी किया है. उद्धव ठाकरे सरकार ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों 15 दिन सरकारी अस्पताल में सेवाएं देने का फरमान जारी किया है.
इसके साथ ही राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई डॉक्टर सरकार के फैसले को मानने से इंकार करते हैं तो उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. लेकिन सरकार ने इस आदेश में 55 साल के उम्र से अधिक वाले डॉकट्र को छूट दी है.
बता दें कि माहाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामले को देखकर राज्य सरकार ने यह फरमान जारी किया है. सरकार ने यह साफ कर दिया है कि कोरोना संकट की इस घड़ी में किसी भी हाल में प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर को 15 दिन सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं देनी ही होगी. यदि कोई प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर सरकारी अस्पताल में अपनी सेवा देने से इंकार करता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.
MAHARASHTRA : कोरोना संकट के बीच बढ़ते संक्रमण को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फरमान जारी किया है. उद्धव ठाकरे सरकार ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों 15 दिन सरकारी अस्पताल में सेवाएं देने का फरमान जारी किया है.
इसके साथ ही राज्य सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई डॉक्टर सरकार के फैसले को मानने से इंकार करते हैं तो उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. लेकिन सरकार ने इस आदेश में 55 साल के उम्र से अधिक वाले डॉकट्र को छूट दी है.
बता दें कि माहाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामले को देखकर राज्य सरकार ने यह फरमान जारी किया है. सरकार ने यह साफ कर दिया है कि कोरोना संकट की इस घड़ी में किसी भी हाल में प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर को 15 दिन सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं देनी ही होगी. यदि कोई प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर सरकारी अस्पताल में अपनी सेवा देने से इंकार करता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.