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07-Apr-2024 08:22 AM
By First Bihar
PATNA : लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार का इंडी गठबंधन से अलग होना बहुत बड़ा झटका था। यह बात खुद इंडी गठबंधन में शामिल पार्टी के नेता ने कही है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को एक इंटरव्यू में कहा कि नीतीश कुमार का इंडिया गठबंधन से जाना एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा कि इतिहास उनके साथ न्याय करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन को लोकसभा चुनाव से पहले एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करना चाहिए। पिछले साल अक्टूबर में अपनी गिरफ्तारी से पहले संजय सिंह गठबंधन के एक प्रमुख सदस्य थे। उस समय जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री भाजपा के मुखर विरोधी नेता थे।अब नीतीश कुमार भाजपा के साथ चले गए हैं और पीएम मोदी के साथ मंच साझा कर रहे हैं। साथ ही केंद्र सरकार की जमकर तारीफ़ भी कर रहे हैं।
दरअसल, एक इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि इंडिया गठबंधन के लिए अबतक का सबसे बड़ा झटका क्या है? 'आप' सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार जी का जाना पूरी तरह से अप्रत्याशित था। वह विपक्षी दलों को एक साथ लाने के लिए एक जगह से दूसरी जगह जा रहे थे और फिर वही एनडीए में शामिल हो गए। इस तरह से पोजीशन बदलने से आपकी छवि पर असर पड़ता है।
आप कम समय में शक्ति और कुछ लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मैं इससे इनकार नहीं करता। लेकिन अगर आप बार-बार पाला बदलते हैं, तो इतिहास आपके साथ इन्साफ करेगा। आपको या तो कायर के रूप में या फिर साहसी के रूप में याद किया जा सकता है। हमें यह तय करना होगा कि लोग हमें किस रूप में याद करेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जो लोग कभी बीजेपी के खिलाफ बोलते थे और अब उसके सामने झुक गए हैं, उन्हें इतिहास में अच्छी तरह से याद भी किया जाएगा।
उधर,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच बातचीत टूटने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और नीतीश कुमार के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। ममता बनर्जी बीजेपी के खिलाफ खड़े होने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं। वह बीजेपी के साथ नहीं हैं। दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है। बंगाल में परिणाम अच्छा होगा, इससे गठबंधन को भी लाभ होगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दलों को एक साथ बैठने और एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार करने की जरूरत है।