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13-Mar-2020 10:19 AM
By ARYAN
PATNA : राज्यसभा चुनाव में हिस्सेदारी नहीं मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी को लेकर कुशवाहा समाज के बीच नाराजगी पर बीजेपी के नेता सफाई दे रहे हैं बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि उनकी पार्टी किसी जाति विशेष की राजनीति नहीं करती. बिहार से राज्यसभा के लिए केवल एक उम्मीदवार को ही पार्टी भेज सकती थी, लिहाजा विवेक ठाकुर को केंद्रीय नेतृत्व ने भेजने का फैसला किया.
मिथितेश तिवारी ने कहा है कि विवेक ठाकुर को विधान परिषद या फिर राज्यसभा भेजने का वादा तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने किया था. संभव है कि केंद्रीय नेतृत्व ने उसी वादे को निभाया हो .बीजेपी विधायक ने कायस्थ और कुशवाहा समाज की नाराजगी को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जो लोग भी विरोध की राजनीति कर रहे हैं दरअसल वह बीजेपी के विरोधियों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं. बीजेपी ने कायस्थ और कुशवाहा दोनों समाज के लोगों के लिए काम किया है. राज्यसभा में सतना से यशवंत सिन्हा को पार्टी ने भेजने का काम किया झारखंड से राज्यसभा के लिए दीपक प्रकाश को भेजा जा रहा है जो बिरादरी से आते हैं.
कुशवाहा समाज को लेकर मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हमने लोकसभा चुनाव में कुशवाहा समाज के लिए ही अपने सेटिंग सांसद की सीट जेडीयू को सौंप दी क्या इस बात का प्रमाण है कि बीजेपी सभी तबके को साथ लेकर चलती है. एनपीआर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ताजा बयान पर मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि सवाल किसी फैसले से पीछे हटने का नहीं है केंद्रीय गृह मंत्री ने कभी भी यह नहीं कहा कि एनपीआर में किसी का दस्तावेज मांगा जाएगा. अमित शाह ने यही बात राज्यसभा में चर्चा के दौरान बताई है. अमित शाह की तरफ से एनपीआर को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद बिहार के सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि शाह ने नीतीश कुमार की सलाह मानते हुए एनपीआर के अंदर दस्तावेजों की मांग की अनिवार्यता को खत्म करने का फैसला किया है.