ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान खुले में मीट बेचने वालों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा, अब बिना लाइसेंस के नहीं खुलेंगी दुकानें पेशी के दौरान हाजीपुर कोर्ट से भागने की कोशिश, अपहरण के आरोपी को पुलिस ने दोबारा पकड़ा नीतीश को डिजिटल अरेस्ट किया गया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा..अब चंद्रबाबू नायडू की बारी Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. रेलवे का बड़ा बदलाव: अब प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए QR टिकट जरूरी, जानिए कैसे बुक होगा नया टिकट ‘सातवीं बार शादी करने के लिए तैयार हैं पापा, उन्हें रोक लो...’ मदद के लिए थाने पहुंचा नाबालिग बेटा

बेहद खास है सावन का चौथा सोमवार, कुंडली का दोष मिटाने के लिए शिव के इस मंत्र का करें जाप

27-Jul-2020 12:57 AM

DESK: आज सावन के पवित्र महीने का चौथा सोमवार है. सावन के महीने में पड़ने वाले चौथे सोमवार को व्रत और पूजा करने पर भगवान शिव समस्त मनोकामना पूरी करते हैं साथ ही व्यक्ति के कुंडली के बनने वाले दोष मिटाकर उसका भाग्योदय भी कर देते हैं. कोरोना काल में आप मंदिर जा कर पूजा नहीं कर सकते ऐसे में घर पर ही पुरे भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा करना सही होगा. 

आप अपने भाग्योदय के लिए भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना करें. पूजा में भगवान को सफेद फल-फूल और मिठाई जरुर चड़ाए,साथ ही एक कुशा के आसन पर बैठकर मन की इच्छा बोलते हुए नीचे दिए गए शिवाष्टक का पाठ करें.  

 

मनोवांछित फल प्राप्त करने के लिए शिव जी के इस मंत्र का जाप करना फलदाई  होगा 

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वरायनित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वरायमंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकायश्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।