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07-Jan-2024 03:08 PM
By First Bihar
PATNA: अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारने वाले दारोगा रश्मि रंजन की इलाज के दौरान पटना के IGIMS में मौत हो गयी। पिछले चार दिनों से वे जिन्दगी और मौत से जूझ रहे थे। रविवार की सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। उनकी पत्नी और दोनों जुड़वा बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बता दें कि सिविल कोर्ट में तैनात दारोगा रश्मि रंजन कई दिनों से तनाव में चल रहे थे। 3 जनवरी को उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। वे औरंगाबाद के रहने वाले थे। जो हवाई अड्डा थाना इलाके में किराये के मकान में पत्नी और जुड़वा बेटों के साथ रहते थे। दारोगा की मौत के बाद पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
रश्मि रंजन 2009 बैच के दारोगा थे। वे पटना सिविल कोर्ट में स्पीडी ट्रायल में तैनात थे। पिछले कुछ दिनों से वे काफी डिप्रेशन में थे। मिली जानकारी के अनुसार गांव में उनका नाम किसी केस में दे दिया गया था। जिसके बाद से वे काफी परेशान रह रहे थे। 3 जनवरी को पटना स्थित आवास पर उन्होंने खुद को गोली मार ली। इस घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में पारस अस्पताल में एडमिट कराया गया था जहां स्थिति नाजुक होता देख डॉक्टरों ने आईजीआईएमएस में रेफर कर दिया। जहां रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।
PATNA: अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मारने वाले दारोगा रश्मि रंजन की इलाज के दौरान पटना के IGIMS में मौत हो गयी। पिछले चार दिनों से वे जिन्दगी और मौत से जूझ रहे थे। रविवार की सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। उनकी पत्नी और दोनों जुड़वा बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बता दें कि सिविल कोर्ट में तैनात दारोगा रश्मि रंजन कई दिनों से तनाव में चल रहे थे। 3 जनवरी को उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। वे औरंगाबाद के रहने वाले थे। जो हवाई अड्डा थाना इलाके में किराये के मकान में पत्नी और जुड़वा बेटों के साथ रहते थे। दारोगा की मौत के बाद पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
रश्मि रंजन 2009 बैच के दारोगा थे। वे पटना सिविल कोर्ट में स्पीडी ट्रायल में तैनात थे। पिछले कुछ दिनों से वे काफी डिप्रेशन में थे। मिली जानकारी के अनुसार गांव में उनका नाम किसी केस में दे दिया गया था। जिसके बाद से वे काफी परेशान रह रहे थे। 3 जनवरी को पटना स्थित आवास पर उन्होंने खुद को गोली मार ली। इस घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में पारस अस्पताल में एडमिट कराया गया था जहां स्थिति नाजुक होता देख डॉक्टरों ने आईजीआईएमएस में रेफर कर दिया। जहां रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।