ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस

जिसकी जितनी संख्या भारी, उसको उतनी मिले हिस्सेदारी! BJP बोली- बिहार को हिंदू राज्य घोषित करे सरकार

जिसकी जितनी संख्या भारी, उसको उतनी मिले हिस्सेदारी! BJP बोली- बिहार को हिंदू राज्य घोषित करे सरकार

05-Oct-2023 12:03 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार में जातीय गणना की रिपोर्ट सार्वजिक होने के बाद से इसको लेकर शुरू हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। जातीय गणना के आंकड़े सामने आने के बाद संख्या के हिसाब से हिस्सेदारी की मांग लगातार उठ रही है। कोई मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग कर रहा है तो कोई चार डिप्टी सीएम बनाने के लिए आवाज उठा रहा है। इसी बीच बीजेपी ने भी बिहार में हिन्दुओं की संख्या को लेकर बड़ी मांग कर दी है।


बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा है कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसको उतनी मिले हिस्सेदारी। बचौल ने कहा है कि बिहार में हिंदुओं की संख्या 81 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में नीतीश सरकार बिहार को हिंदू राज्य घोषित करे। हिंदुओं के मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाए, सभी जगह हिंदुओं का बोलबाला हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राज्य में मुसलमानों की संख्या बढ़ी है यह भी चिंता का विषय है।


मुसलमानों की संख्या बढ़ने पर सवाल उठाते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि बिहार सरकार का परिवार नियोजन और हेल्थ कार्ड कहां चला गया कि मुसलमानों की संख्या इतनी बढ़ गई। यह गंभीर विचार का विषय है। अगर समय रहते नहीं संभले तो आने वाले 40 से 50 वर्षों बिहार में जाति नाम की चीज नहीं बच पाएगी। नीतीश और लालू ने अपना अंतिम दांव चला है जो चलने वाला नहीं है।