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22-Jan-2023 02:36 PM
By First Bihar
PATNA: महागठबंधन की सरकार में सहयोगी बनी आरजेडी के नेता एक के बाद एक विवादित बयान देकर बिहार की सियासत को गर्माहट दे रहे हैं। आरजेडी कोटे से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने पहले रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया। इसके बाद मंत्री सुरेंद्र यादव ने सेना को लेकर विवादित टिप्पणी की और अब आरजेडी कोटे के ही मंत्री आलोक मेहता ने सवर्ण जाति के लोगों को अंग्रेजों का पिट्ठू और दलाल बताया है हालांकि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ऐसे बयानों का लगातार विरोध कर रही है। पिछले दिनों रामचरितमानस को लेकर जेडीयू और आरजेडी आमने सामने आ गए थे। अब मंत्री आलोक मेहता के बयान के बाद एक बार फिर से बिहार की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मंत्री और जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा है कि मंत्री आलोक मेहता पहले इतिहास की जानकारी ले लें तब इस तरह का बयान दें। उन्होंने कहा है कि कोई हमारे पूर्वजों को अपमानित करे यह किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा। सवर्ण जाति के लोगों ने अग्रेजों से लड़ाई में अपने खेत-खलिहान को बेच दिया और कारावास में अपनी जिंदगी बिता दी। बिहार स्वतंत्रता सेनानी के बेटों का बिहार है। मंत्री आलोक मेहता का बयान दुखद और अपमानजनक है।
नीरज कुमार ने कहा है कि आरजेडी के नेता बिना किसी जानकारी के गलत बयानबाजी कर रहे हैं। आलोक मेहता को पता होना चाहिए कि आजादी की लड़ाई जाति के आधार पर नहीं लड़ी गई थी। आजादी की लड़ाई में सभी समुदाय के लोगों ने अपना बलिदान दिया है। कुछ भी बोलने से पहले देश का आजादी की लड़ाई की जानकारी ले लेनी चाहिए। मंत्री आलोक मेहता का बयान दुखद और अपमानजनक है। किसी के पूर्वज को कोई सार्वजनिक रूप से अंग्रेजों का दलाल कह दे, यह किसी को अधिकार नहीं है। सवर्ण जाति के लोगों ने अग्रेजों से लड़ाई में अपने खेत-खलिहान को बेच दिया और कारावास में अपनी जिंदगी को बिता दिया था। बिहार स्वतंत्रता सेनानी के बेटों का बिहार है।
उन्होंने कहा कि जो लोग जाति व्यवस्था पर टिप्पणी करते हैं उनको प्राचीन भारत की इतिहास पढ़ लेना चाहिए। बिहार सरकार ने जो सवर्ण आयोग बनाया उसकी रिपोर्ट का जानकारी ले लेना चाहिए। पूर्वजों को अपमानिक करने का अधिकार किसी को नहीं है। सवर्णों को 10 प्रतिशत का आरक्षण कोई भीख नहीं है और ना ही किसी के कृपा से मिला है। संसद से यह कानून बना और सुप्रीम कोर्ट ने इसपर मुहर लगाई। बिहार सबसे पहला राज्य है जहां 2011 में सवर्ण आयोग की रिपोर्ट आई। इसके बावजूद इस तरह से बयान देकर समाज को बांटने का अधिकार किसी को नहीं है।
जेडीयू एमएलसी ने कहा आरजेडी ए टू जेड की पार्टी होने का दावा करती है, उम्मीद है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इसपर अपना नजरिया जरूर पेश करेगी। हमारी पार्टी ने आरजेडी के साथ इसलिए गठबंधन किया कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल को ए टू जेड की पार्टी बताया था। जेडीयू कभी भी समाज को बांटने की बात नहीं करती है, हम सभी जाति और धर्म के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। हमारा मानना है कि जो भी बात हो संविधान के दायरे में रहकर हो।