Bihar Assembly : बजट सत्र में आज भी टकराव के आसार, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष New toll rule 2026 : एक्सप्रेसवे यात्रियों को राहत! टोल वसूली नियमों में बड़ा बदलाव, अब नहीं देना होगा पूरा शुल्क Bihar Road News : बिहार के इस ग्रीनफील्ड फोरलेन पर जल्द दौड़ेंगी गाड़ियां, डीएम ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश Mahila Rojgar Yojana Bihar : बिहार की महिलाओं के खाते में होली के बाद आएंगे 20-20 हजार रुपए, जानिए दूसरी क़िस्त लेने के क्या है नियम Traffic Management : पटना के इन रास्तों पर इस दिन नहीं चलेंगी गाड़ियां, बदली ट्रैफिक व्यवस्था; जानिए क्या है वजह Bihar Intermediate Exam 2026 : आज समाप्त होगी बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026, इस दिन तक रिजल्ट आने की उम्मीद Bihar weather : बिहार में फरवरी में ही गर्मी का असर: मौसम विभाग ने बताया तापमान बढ़ने का कारण शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन
26-Jan-2023 11:24 AM
By First Bihar
PATNA: जेडीयू में मचे घमासान के बीच उपेंद्र कुशवाहा ने सीएम नीतीश से जेडीयू में हिस्सेदारी मांगी है। कुशवाहा की मांग पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक में जवाब दे दिया है। सीएम ने कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा को कोई हिस्सेदारी नहीं मिलेगी। कुशवाहा जेडीयू में रहें तो अच्छा है और अगर उन्हें कहीं जाना है तो यह उनकी इच्छा है। सीएम के इस बयान से साफ हो गया है कि कुशवाहा के रहने या नहीं रहने से जेडीयू की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। मुख्यमंत्री ने फैसला उपेंद्र कुशवाहा पर छोड़ दिया है और कहा है कि कुशवाहा निर्णय लेने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुशवाहा को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पहले चले गए थे और फिर लौटकर पार्टी में आए, सब लोगों ने उनका इज्जत किया। सामने आकर कुशवाहा को बात करना चाहिए, ट्वीटर के माध्यम से कोई बात हो सकता है भला। पार्टी के अंदर अगर किसी तरह की बात है तो उसका हल बातचीत से निकालना चाहिए। ट्वीट करके किसी को कुछ बोलते सुना है कभी। कुशवाहा के मन में क्या है वो जाने लेकिन हमारे साथ आए तो हमने स्वागत किया। कुशवाहा जेडीयू में रहें तो बहुत अच्छा, नहीं रहें कहीं और जाएं तो यह उनकी इच्छा है। इन सब विषयों पर बैठकर चर्चा होनी चाहिए। पार्टी के अंदर अगर कुछ होता है तो लोग मिल बैठकर चर्चा करते हैं।
दरअसल, कुशवाहा के बयानों को लेकर जेडीयू के अंदर उनके खिलाफ गहरी नाराजगी देखी जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो इतने नाराज हैं कि उपेंद्र कुशवाहा का नाम तक नहीं सुनना चाहते हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कह दिया था कि कुशवाहा जितना जल्दी जाना चाहें.. जेडीयू छोड़कर चलें जाएं। सीएम के इस बयान के बाद नीतीश के गले की फांस बने उपेंद्र कुशवाहा आर या पार की लड़ाई के मूड में आ गए और ट्वीट कर कह दिया कि बिना हिस्सा लिए वे कही जाने वाले नहीं है। पूरी संपत्ति को अकेले हड़पने नहीं देंगे। अब नीतीश ने एक बार फिर साफ लहजे में कुशवाहा को कह दिया है कि उन्हें कोई हिस्सेदारी नहीं मिलने वाली है, जेडीयू में रहना है तो रहे नहीं तो वे फैसला लेने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।