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24-Jul-2021 01:17 PM
PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना कि एक बार निश्चित रूप से जातिगत जनगणना देश में होनी चाहिए। सीएम नीतीश के इस ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि केंद्र सरकार जातीय जनगणना पर विचार नहीं करती है तो फिर आप क्या करेंगे? केंद्र में आपकी हिस्सेदारी है आपके कैबिनेट मंत्री भी है फिर भी आप अनुनय विनय कर रहे हैं?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर यह कहा कि " हम लोगों का मानना है कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए। बिहार विधान मंडल ने 18 फरवरी 2019 एवं पुनः 27 फरवरी 2020 को सर्वसम्मति से इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था तथा इसे केन्द्र सरकार को भेजा गया था। केन्द्र सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करना चाहिए। " सीएम नीतीश ने कहा कि जातीय जनगणना से एससी और एसटी के अलावा अन्य कमजोर वर्गो की वास्तविक संख्या की जानकारी मिल सकेगी। जिससे उनके विकास में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एक बार फिर आग्रह करेंगे कि जातिगत जनगणना कराई जाए।
दरअसल इस मसले को लेकर राज्य का मुख्य विपक्षी दल आरजेडी लगातार सरकार को घेरने में लगा हुआ है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस ट्वीट पर हमला बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी कोट ट्वीट किया है। तेजस्वी ने ट्विटर पर यह लिखा है कि " माननीय मुख्यमंत्री जी, केंद्र सरकार अगर जातीय जनगणना पर पुनर्विचार नहीं करेगी तो आप क्या करेंगे? हमारी माँग पर बिहार विधानसभा में सर्वसम्मति से जातिगत जनगणना का प्रस्ताव पारित किया गया था। केंद्र सरकार में आपकी हिस्सेदारी है। आपके कैबिनेट मंत्री है फिर भी अनुनय विनय कर रहे है? "
आरजेडी नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी को पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों से इतनी नफ़रत क्यों है। तेजस्वी का कहना है कि जब तक पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या पता नहीं चलेगी तब तक उनके फायदे की योजनाएं कैसे बनेगी।
तेजस्वी ने कहा कि बिहार के दोनों सदनों में बीजेपी जातीय जनगणना का समर्थन करती है लेकिन संसद में बिहार के ही कठपुतली मात्र पिछड़े वर्ग के राज्यमंत्री से जातीय जनगणना नहीं कराने का एलान कराती है। केंद्र सरकार ओबीसी की जनगणना क्यों नहीं कराना चाहती? इस मसले को लेकर तेजस्वी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ट्वीट को कोट ट्वीट कर सीएम नीतीश से यह पूछा है कि केंद्र सरकार यदि जातीय जनगणना पर पुनर्विचार नहीं करेगी तो आप क्या करेंगे?
माननीय मुख्यमंत्री जी, केंद्र सरकार अगर जातीय जनगणना पर पुनर्विचार नहीं करेगी तो आप क्या करेंगे? हमारी माँग पर बिहार विधानसभा में सर्वसम्मति से जातिगत जनगणना का प्रस्ताव पारित किया गया था।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 24, 2021
केंद्र सरकार में आपकी हिस्सेदारी है। आपके कैबिनेट मंत्री है फिर भी अनुनय विनय कर रहे है? https://t.co/Uvzb8CcnyG
जब देश में सांप,बाघ,बकरी की जनगणना हो सकती है तो फिर जातियों की क्यों नहीं?
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) July 24, 2021
देश के विकास के लिए जातिगत जनगणना जरूरी है।
पता तो लगे कि किसकी कितनी आबादी है और उसे सत्ता में कितनी भागीगारी मिली।