ब्रेकिंग न्यूज़

मुंगेर में करोड़ों की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह बंद, लोग खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर इश्क बना मौत का जाल… बेटी के प्यार से भड़के पिता ने रची खौफनाक साजिश, जंगल में लटका मिला प्रेमी जोड़ा गोपालगंज: कृष्णा सिंह हत्याकांड का खुलासा, 5 अपराधी गिरफ्तार अब नहीं मिलेगा ‘रेटॉल पेस्ट’… बिहार सरकार का बड़ा फैसला, ऑनलाइन-ऑफलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक नीतीश कुमार का नया आशियाना: 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास का लिया जायजा Bihar News: संदिग्ध हालात में युवक का शव बरामद, कनौजी स्टेडियम के पास मिली लाश; जांच में जुटी पुलिस अब मिनटों में तय होगा सफर, बख्तियारपुर से मोकामा तक बदलने वाली है तस्वीर पति के बाद अब ससुर की जिम्मेदारी? हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए किन हालात में मिलेगा गुजारा भत्ता पटना सिटी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, अवैध रिफिलिंग करते एक गिरफ्तार कांग्रेस जिलाध्यक्ष की लिस्ट में यादवों और ब्राह्मणों का दबदबा, भूमिहार राजपूत पर भारी

Home / news / जातिगत जनगणना के लिए सुप्रीम कोर्ट गयी बिहार सरकार, पटना हाईकोर्ट के फैसले...

जातिगत जनगणना के लिए सुप्रीम कोर्ट गयी बिहार सरकार, पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर

11-May-2023 04:10 PM

By First Bihar

DELHI: बिहार में जातिगत जनगणना पर पटना हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर पटना हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करने और जातिगत जनगणना शुरू करने की इजाजत देने की मांग की है.


बिहार सरकार के वकील मनीष सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी गयी है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट इस पर कब सुनवाई करेगा ये तय नहीं हुआ है. बता दें कि इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार को बड़ा झटका दिया था. 4 मई पटना हाईकोर्ट ने बिहार में चल रहे जातीय जनगणना को असंवैधानिक और गलत करार देते हुए अगले आदेश तक इस पर रोक लगा दिया था. 


हाईकोर्ट ने इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की थी. लेकिन इसके बाद बिहार सरकार ने जातीय जनगणना  मामले की जल्द सुनवाई के लिए फिर से पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. 9 मई को पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था. 


पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार की ओर से ये भी मांग की गयी थी कि उसे जातिगत जनगणना का काम जारी रखने दिया जाये. इसका 80 परसेंट काम हो चुका है, कोर्ट बाकी बचे काम को भी पूरा करने की इजाजत दे. सरकार ने कहा था कि जातिगत जनगणना का काम पूरा करने के बाद इसे सार्वजनिक तभी किया जायेगा जब कोर्ट इसकी इजाजत देगी. लेकिन हाईकोर्ट ने इसे मानने से भी इंकार कर दिया था. ऐसे में बिहार सरकार अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गयी है.