जमुई में 50 लाख की डकैती का खुलासा: 5 आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख से अधिक कैश भी बरामद कटिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अपराध की योजना बना रहे 5 बदमाश हथियार के साथ गिरफ्तार पटना में 20 जनवरी को सुधा की “दही खाओ ईनाम पाओ” प्रतियोगिता, इस मोबाइल नंबर पर करायें अपना रजिस्ट्रेशन पूर्णिया के वीभत्स गैंग रेप का मुख्य आरोपी जुनैद सांसद पप्पू यादव का करीबी? वायरल फोटो से चर्चाओं का बाजार गर्म खेलते-खेलते बुझ गईं दो नन्हीं जिंदगियां: पोखर में डूबने से सुपौल में दो बच्चियों की मौत प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का भव्य स्वागत, धर्म-श्रमदान और समाज सेवा पर दिये संदेश PATNA: बैंक डकैत अमन शुक्ला हत्याकांड का खुलासा, 3 शूटर गिरफ्तार Bihar Top News: नीतीश ने दी बुजुर्गों को बड़ी राहत, अंडरग्राउंड होंगे बिजली के तार, तेजप्रताप यादव को NDA में शामिल होने का न्योता थैलेसीमिया से पीड़ित 7 बच्चे CMC वेल्लोर रवाना, बिहार सरकार कराएगी नि:शुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट सांसद अरुण भारती के जाते ही दही-चूड़ा भोज में हंगामा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ता आपस में भिड़े
03-Oct-2023 01:52 PM
By First Bihar
NALANDA: नालंदा शराब माफिया का मनोबल काफी बढ़ गया है। एक व्यक्ति को पुलिस का मुखबिर बता उस पर हमला बोल दिया। तलवार और पिस्टल की बट से उसकी इस कदर पिटाई कर दी कि वो लहूलुहान हो गया। घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के गोसाई बिगहा की है। जहां इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
घायल युवक के भाई ने बताया कि नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र के गोसाईबिगहा गांव में पुलिस ने छापेमारी कर शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था। शराब माफिया को लगा कि पुलिस को राकेश कुमार ने इस बात की सूचना दी है। इसी बात को लेकर शराब माफियाओं से युवक की बहस हो गई। बहस के दौरान आधा दर्जन की संख्या में आए शराब के अवैध धंधेबाजों ने युवक राकेश कुमार को तलवार और लाठी से जमकर पीटा और इससे भी मन नहीं भरा तो पिस्टल की बट से चेहरे और जांघ पर ऐसा वार किया कि राकेश जमीन पर गिर गड़ा। जिसके बाद शराब के धंधेबाज मौके से फरार हो गया।
युवक की हालत को देखते हुए ग्रामीण उसे बिहार शरीफ सदर अस्पताल ले गये। जहां युवक का इलाज चल रहा है। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस फिलहाल आगे की कार्रवाई में जुटी है। बताया जाता है कि शराबबंदी के बावजूद अमूमन हर गांव में अवैध देसी शराब बनाया और बेचा जा रहा है इस बात की जानकारी इलाके के पुलिस को भी रहती है इसके बावजूद जानलेवा यह कारोबार फल फूल रहा है। जब कोई इसकी शिकायत करने थाने जाता है कि इस बात की खबर शराब के धंधेबाजों को मिल जाती है कि किसने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराया है।
इस मामले में भी ऐसा ही हुआ जब युवक ने शिकायत की तब धंधेबाज को किसी तरह पता चल गया और फिर धंधेबाजों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस तरह की घटनाएं आए दिन कई इलाकों में देखने को मिल रही है। ग्रामीण दबे जुबान कहते हैं कि शराब के धंधेबाजों का मनोबल बढ़ने के पीछे कारण यह है कि ये लोग पुलिस और थाने को पैसे पहुंचाते हैं। यही कारण है कि छापेमारी के पहले धंधेबाजों को रेड की सूचना मिल जाती है और यदि कोई थाने में धंधेबाजों की शिकायत करता है तब उसकी भी खबर धंधेबाजों तक पहुंच जाती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पुलिस अपनी कार्यशैली नहीं बदलेगी तब तक बिहार में शराब बिकता रहेगा और जहरीली शराब पीकर लोग मरते रहेंगे।