Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Bihar Bhumi Survey: बिहार में 'भूमि सर्वे' को लेकर तय हुई समय सीमा, सरकार का ऐलान- अब नहीं चलेगी ढिलाई Bihar News: बिहार में ट्रक ने कार में मारी जोरदार टक्कर, सामने आया दिल दहलाने वाला वीडियो; देखिए.. Bihar Crime News: बेतिया से लापता हुईं पांच नाबालिग लड़कियां यहां से हुईं बरामद, आखिर एकसाथ कहां चली गईं थीं? Bihar Crime News: बेतिया से लापता हुईं पांच नाबालिग लड़कियां यहां से हुईं बरामद, आखिर एकसाथ कहां चली गईं थीं? Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया पर अहम सुनवाई, 32 साल बाद वकील के रूप में दिखेंगी सीएम ममता बनर्जी Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया पर अहम सुनवाई, 32 साल बाद वकील के रूप में दिखेंगी सीएम ममता बनर्जी Bullet Train: बुलेट ट्रेन से बदल जाएगी बिहार की तस्वीर, नई कनेक्टिविटी और रोजगार के खुलेंगे द्वार; इन जिलों को होगा सीधा लाभ Bullet Train: बुलेट ट्रेन से बदल जाएगी बिहार की तस्वीर, नई कनेक्टिविटी और रोजगार के खुलेंगे द्वार; इन जिलों को होगा सीधा लाभ
30-Jan-2024 08:35 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा उलटफेर का दौर खत्म हो चुका है। नीतीश कुमार एक बार फिर से रविवार को एनडीए के साथ मिलकर अपनी नई सरकार का गठन कर चुके हैं। नीतीश कुमार की नई सरकार में बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष रहे विजय सिन्हा को डिप्टी सीएम बनाया गया है। इसके बाद अब राजनीतिक गलियारे में इस सत्ता परिवर्तन के कारण भी सामने आने लगे हैं। ऐसे में अब जो एक कारण सामने आया है वो कांग्रेस के युवराज से जुड़ा हुआ है।
दरअसल, दिल्ली-कोलकाता घूमकर विपक्ष के नेताओं को एकजुट करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब सत्तारूढ़ NDA के साथ हैं। खबर है कि विपक्षी गठबंधन छोड़ने का फैसला उन्होंने जनवरी के मध्य में ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ बातचीत के दौरान ले लिया था। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
वहीं, कभी पटना,तो कभी बेंगलुरु में मिल रहे विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के दलों ने 13 जनवरी को वर्चुअली बैठक करने का फैसला किया था। मीडिया एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि इसी दिन उन्होंने विपक्ष का साथ छोड़ने का मन बना लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह राहुल पर काफी नाराज थे और 10 मिनट पहले ही मीटिंग छोड़कर चले गए थे।
इस रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नाटकीय मोड़ 13 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की INDIA अलायंस की वर्चुअल मीटिंग में की गई भाषा के प्रयोग के कारण हुई। इस बैठक में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि विपक्षी ब्लॉक के संयोजक के रूप में नियुक्ति की घोषणा के लिए नीतीश कुमार अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।
दरअसल, राहुल गांधी चाहते थे कि संयोजक पद पर नीतीश कुमार के नाम की घोषणा से पहले टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की मंजूरी ले ली जाए। इसके बाद नीतीश कुमार राहुल गांधी के इस बात से नाराज हो गए। राहुल गांधी की टिप्पणियां नीतीश कुमार को 'अपमानजनक' लगी.उसके बाद नाराज नीतीश कुमार ने कहा कि- और कहा कि लालू यादव को यह पद दिया जा सकता है। जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष खरगे सहित कांग्रेस पदाधिकारियों और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने उन्हें मनाने का प्रयास किया. लेकिन, वे इसमें विफल हो गए।
उधर, एक अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 19 दिसंबर को हुई बैठक में नीतीश को संयोजक बनाने के लिए कांग्रेस ने कई दलों से बात कर ली थी। कांग्रेस यह प्रस्ताव भी रखने वाली थी, लेकिन बैठक में प्रधानमंत्री पद के लिए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम आगे कर दिया था। हालांकि, खड़गे का कहना था कि फैसला चुनाव के बाद किया जाएगा।