Bihar Weather Alert: बिहार के 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी; 48 घंटे बाद होगा यह बदलाव Bihar Weather Alert: बिहार के 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी; 48 घंटे बाद होगा यह बदलाव सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाता सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाता बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर बिहार के पेंशनधारियों के लिए अंतिम मौका: आज किसी हाल में कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो रूक जाएगा पैसा बिहार के पेंशनधारियों के लिए अंतिम मौका: आज किसी हाल में कर लें यह जरूरी काम, नहीं तो रूक जाएगा पैसा बिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दर बिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दर
06-Nov-2022 05:02 PM
PATNA: गोपालगंज उपचुनाव में महागठबंधन को मिली शिकस्त पर वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बड़ी बात कह दी है। मुकेश सहनी ने कहा है कि गलत रणनीति के कारण गोपालगंज में आरजेडी को हार का मुंह देखना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर चुनाव प्रचार के लिए गए होते तो शायद आज दोनों ही सीटें महागठबंधन के झोली में आ गई होती। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन ने AIMIM या शहाबुद्दीन की पत्नी हीना साहेब को मैनेज किया होता तो जीत पक्की थी।
मुकेश सहनी ने कहा है कि गोपालगंज और मोकामा विधानसभा उपचुनाव में दोनों जगहों से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी वीआईपी ने की थी लेकिन वोट काटने और चुनाव लड़ने के बजाए बीजेपी को हराने के लिए वीआईपी ने महागठबंधन को मदद करने का फैसला लिया। वीआईपी ने दोनों जगहों पर महागठबंधन को मदद किया, जिसका परिणाम हुआ कि मोकामा में महागठबंधन की जीत हुई और गोपालगंज में भी महागठबंधन ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी।
उन्होंने कहा कि गलत रणनीति के कारण महागठबंधन को गोपालगंज में हार का मुंह देखना पड़ा। अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव प्रचार करने के लिए गोपालगंज गए होते तो शायद चुनाव जीत गए होते। ओवैसी की पार्टी को अगर मैनेज कर लिया होता तो गोपालगंज में आरजेडी की हार नहीं होती। अगर ओवैसी की पार्टी मैनेज नहीं होती तो शहाबुद्दीन की पत्नी हेना साहेब को मैनेज किए होते तो जीत पक्की थी लेकिन आरजेडी की तरफ से उन्हें मनाने की कोशिश नहीं की, जिसका नतीजा हुआ कि वे चुनाव हार गए।