Bihar News : जेल से निकलने को तैयार अनंत सिंह, बस एक कागज़ ने रोक दी रिहाई! जानिए कब बाहर आएंगे बाहुबली नेता और क्या है स्वागत की तैयारी Bihar News: नीतीश नहीं सम्राट मॉडल ! BJP की हुंकार-अगले तीन महीने में खत्म कर देंगे अपराध BIHAR NEWS : खाकी पर सवाल ! मुजफ्फरपुर कांड में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, CID करेगी जांच Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान Patna PNG news : पटना में PNG कनेक्शन अटका ! पाइपलाइन पास, फिर भी गैस नहीं… जानिए क्या बनी सबसे बड़ी बाधा Bihar News : अब ‘तारीख-पर-तारीख’ खत्म! हाईटेक मशीन से घूसखोरों पर कसेगा शिकंजा, सबूत रहेंगे हमेशा सुरक्षित Bihar railway news : वंदे भारत पर पथराव, कोच का शीशा टूटा — बच्चे संग सीट के नीचे छिपी महिला, यात्रियों में दहशत BIHAR NEWS : नीट छात्रा मौत मामला: CBI जांच पर उठे सवाल, POCSO कोर्ट की फटकार के बाद बदला गया IO Bihar Police : 'इंस्पेक्टर से दारोगा बने तो ...', अब नहीं चलेगी मनमानी! DGP बोले- भ्रष्ट पुलिसकर्मी का अब सस्पेंशन नहीं सीधे होगा डिमोशन Bihar News : JDU विधायक के बेटे की सड़क हादसे में मौत, घर से 500 मीटर दूर पेड़ से टकराई थार
15-Oct-2023 07:15 AM
By First Bihar
PATNA : अब बैंक, संस्थान, प्रतिष्ठान या निजी सुरक्षा के लिए पुलिस बल की सेवा लेना महंगा होगा। गृह विभाग ने निजी इकाइयों की सुरक्षा के लिए प्रतिनियुक्त पुलिस बल पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए समेकित दर बढ़ा दी है। इसको लेकर विभाग ने नई संशोधित दर भी जारी कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार अब राज्य में इंस्पेक्टर स्तर के पदाधिकारी को निजी सुरक्षा में रखने के लिए हर रोज 5382 रुपये देने होंगे जबकि सिपाही के लिए 2663 रुपये प्रतिदिन की दर होगी। इसके अलावा दारोगा के लिए 4,301, सहायक अवर निरीक्षक के लिए 3,574, हवलदार चालक के लिए 3,120, हवलदार के लिए 3,086 और चालक सिपाही के लिए 2969 रुपये प्रतिदिन देने होंगे।
मालुम हो कि, सरकारी सेवाओं से इतर पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति किए जाने पर निर्धारित शुल्क लिए जाने का प्रविधान है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में पुलिसकर्मियों को निजी प्रतिष्ठानों से लेकर बैंक व विशिष्ट व्यक्ति के अंगरक्षक के तौर पर प्रतिनियुक्ति करते हैं। सामान्य तौर पर यह प्रतिनियुक्ति एक तय समय के लिए होती है। अधिक समयावधि के लिए प्रतिनियुक्ति किए जाने पर नियमित अंतराल पर इसकी समीक्षा की जाती है।
आपको बताते चलें कि, गृह विभाग के मुताबिक प्रतिनियुक्त पुलिस बल पर खर्च होने वाली राशि की प्रतिपूर्ति के लिए पहली बार समेकित दर का पुनरीक्षण मार्च 2003 में हुआ था। उसके बाद राज्य कर्मियों के वेतन पुनरीक्षण के फलस्वरूप नौ साल बाद जनवरी 2012 में दर को संशोधित किया गया। इसके बाद अब राज्यकर्मियों के सप्तम वेतन पुनरीक्षण के फलस्वरूप उक्त दर को पुन: संशोधित करने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन था, जिसे विभाग की मंजूरी दे दी है।