Coal Mining Accident: कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट, 10 मजदूरों की मौत, कई के मलबे में फंसे होने की आशंका Coal Mining Accident: कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट, 10 मजदूरों की मौत, कई के मलबे में फंसे होने की आशंका बिहार के लाखों किसानों को बड़ी राहत: अब पूर्वजों के नाम की जमीन होने पर भी बनेगा फार्मर आईडी, देना होगा सिर्फ यह दस्तावेज बिहार के लाखों किसानों को बड़ी राहत: अब पूर्वजों के नाम की जमीन होने पर भी बनेगा फार्मर आईडी, देना होगा सिर्फ यह दस्तावेज महंगाई भत्ते पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला...ममता सरकार के अन्याय के आगे कर्मचारियों की ऐतिहासिक जीत- मंगल पांडेय Bihar Crime News: डबल मर्डर केस के तीन आरोपी अरेस्ट, कुख्यात अपराधी ने घर बुलाकर कर दी थी दो लोगों की हत्या Bihar Teacher News: शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग की हकीकत- मांगा गोपालगंज भेज दिया गया कटिहार, विधान परिषद में भाजपा MLC ने उठाए सवाल...सरकार को घेरा Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar Crime News: हत्या के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपी अरेस्ट Bihar News: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिहार की यह पहली सरकारी कंपनी, IPO लाने की प्रक्रिया शुरू; कोई भी लगा सकता है पैसा
27-Sep-2024 06:17 PM
By First Bihar
DESK: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एम सिद्धारमैया की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री के खिलाफ मैसुरू लोकायुक्त ने मैसुरु अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी की जमीन के आवंटन में घोटाला का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश जारी किया था, जिसके आलोक में लोकायुक्त ने एक्शन लिया है।
दरअसल, मैसुरु जमीन घोटाले में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने को मजूरी दी थी। राज्यपाल के इस पैसले सिद्धारमैया ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कर्नाटक हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बीते 12 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे 24 सितंबर को सुनाया गया। जस्टिस नागप्रसन्ना की पीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्यपाल के फैसले को सही करार दिया और सीएम सिद्दारमैया की याचिका को खारिज कर दिया था।
बता दें कि सीएम सिद्धारमैया की पत्नी बीएम पार्वती को मैसूर के एक पॉश इलाके में जमीन का आवंटन किया गया था। संपत्ति की कीमत उनकी भूमि के स्थान की तुलना में अधिक था, जिसे MUDA द्वारा सीएम की पत्नी को अधिगृहित किया गया था। पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले फिफ्टी-फिफ्टी अनुपात योजना के तहत भूखंड आवंटित किए थे, जहां MUDA ने एक आवासीय लेआउट विकसित किया था। जमीन आवंटन में घोटाले की आरोप लगने के बाद राज्यपाल ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी थी।
अदालत से मंजूरी मिलने के बाद मैसुरु लोकायुक्त ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सिद्धारमैया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।अब इस केस की जांच लोकायुक्त पुलिस करेगी। सीएम सिद्दारमैया को पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है। बता दें कि लोकायुक्त के पास किसी को गिरफ्तार करने का भी अधिकार होता है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जांच में आरोप साबित होने के बाद सीएम सिद्धारमैया की गिरफ्तारी तक हो सकती है।