दिल्ली में शाहनवाज हुसैन के आवास पर ईद मिलन समारोह, नितिन नबीन-चिराग पासवान सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच
31-Dec-2019 07:49 AM
KOTA: राजस्थान के कोटा के जेके लोन सरकारी अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. अस्पताल में सुविधाओं की कमी के कारण आए दिन बच्चों की मौत हो रही है, और अस्पताल प्रशासन लापरवाह बना देख रहा है. दिसंबर महीने में जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का आंकड़ा 91 तक पहुंच गया है.
जेके लोन अस्पताल राजस्थान के कोटा का सबसे बड़ा मातृ एवं शिशु सरकारी अस्पताल है, बावजूद इसके अस्पताल में सुविधाओं का घोर अभाव है, लिहाजा बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रही है. इस अस्पताल में कोटा और आसपास के कई जिलों से मरीज अपना इलाज कराने आते हैं, लेकिन अस्पताल में चिकित्सा सेवा, डॉक्टर-नर्स समेत कई जरूरी सुविधाओं की भारी कमी है.
अस्पताल में भर्ती कई मरीजों के परिजनों ने बताया कि इस हॉस्पिटल में स्टाफ की भारी कमी है. परिजनों के मुताबिक चिकित्सा उपकरणों के अभाव और डॉक्टरों की अनदेखी करने के कारण बच्चों की मौत हो रही है और अस्पताल प्रशासन लापरवाह बना हुआ है.