Economic Survey 2025-26: बिहार में अमीरी-गरीबी की खाई उजागर, पटना सबसे अमीर तो जानिए सबसे गरीब कौन; आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट ने बताया पूरा सच NEET Student Death Case: नीट छात्रा की मौत के बाद टूटी नींद ! CBI जांच के बीच बिहार के सभी गर्ल्स हॉस्टलों की जांच के आदेश, DM-SP को लिखा गया लेटर Bihar Budget 2026 : बिहार का आम बजट 2026 आज, वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव करेंगे पेश; इन लोगों को मिल सकता है बड़ा फायदा Bihar weather : बिहार के 19 जिलों में घना कोहरा, छपरा में दृश्यता 50 मीटर से कम, बारिश का अलर्ट बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक
23-Sep-2023 10:27 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के नियोजित शिक्षकों से जुड़ी इस वक्त की बड़ी खबर पटना से आ रही है। बिहार के 4 लाख नियोजित शिक्षकों को जल्द राज्यकर्मी का दर्जा मिल सकता है। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार दुर्गा पूजा से पहले बिहार सरकार यह तोहफा शिक्षकों को दे सकती है। यदि ऐसा हुआ तो शिक्षकों के लिए यह बड़ा तोहफा होगा। बता दें कि बिहार के नियोजित शिक्षक कई दिनों से यह मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कर रहे थे।
सूत्रों की माने तो बिहार के नियोजित शिक्षकों की यह मांग नीतीश सरकार जल्द पूरी करने वाली है। बहुत जल्द इन नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा। दुर्गा पूजा से पहले सरकार यह बड़ा तोहफा नियोजित शिक्षकों को दे सकती है। इसकी घोषणा अक्टूबर महीने में की जा सकती है। यदि नीतीश सरकार की ओर से इसकी घोषणा होती है तब बिहार के करीब 4 लाख से ज्यादा शिक्षकों को इसका फायदा मिलेगा। हालांकि ये अभी तय नहीं हो सका है कि बीपीएससी की परीक्षा लेने के बाद राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाएगा या फिर बिना परीक्षा लिए ही नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी किया जाएगा।
अपनी इस मांग को लेकर नियोजित शिक्षा लंबे समय से आंदोलन करते आ रहे हैं। लगातार धरना प्रदर्शन और जुलूस निकालते आ रहे हैं। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इसे लेकर नीतीश सरकार गंभीर है। नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को नया सिस्टम तैयार करने का टास्क दिया था। जो पूरा हो गया है। अब कभी भी इस पर कैबिनेट में फैसला लिया जा सकता है।
यदि राज्यकर्मी का दर्जा नियोजित शिक्षकों को मिला तब बीपीएससी के शिक्षकों के बराबर इनका वेतन हो जाएगा। इसे लोकसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। नीतीश कुमार खुद चाहते हैं कि इस चुनाव से पहले नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिले। इसके बजट को लेकर भी चर्चा हो चुकी है। इससे पहले इसे लेकर महागठबंधन के नेताओं के साथ भी बैठक हो चुकी है।
अब सभी नियोजित शिक्षकों की नजर सरकार के फैसले पर टिकी हुई है। यदि जो कयास लगाये जा रहे है यदि वो सही साबित हुआ तो इससे बड़ा दशहरा का गिफ्ट नियोजित शिक्षकों के लिए कुछ नहीं हो सकता। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार कब तक कैबिनेट में इस पर मुहर लगाती है।