दिल्ली में रहकर बिहार की नौकरी: जांच में खुला बड़ा राज, 10 साल तक विभाग को लगाती रही चूना; अब जाल में फंसी शातिर शिक्षिका निशांत कुमार को बताया फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार, पटना में JDU प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर निशांत कुमार को बताया फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार, पटना में JDU प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर BIHAR NEWS : दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला भोजपुर, युवक की हत्या से मचा हड़कंप CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी होंगे CBSE बोर्ड 10वीं के रिजल्ट, DigiLocker पर ऐसे चेक करें नतीजे CBSE 10th Result 2026: जल्द जारी होंगे CBSE बोर्ड 10वीं के रिजल्ट, DigiLocker पर ऐसे चेक करें नतीजे किशनगंज SDPO की ‘भ्रष्ट लीला’: पत्नी और गर्लफ्रेंड ही नहीं नौकरानी को भी बना दिया ‘रानी’, 35 लाख की THAR से काम पर आती थी करोड़पति पारो किशनगंज SDPO की ‘भ्रष्ट लीला’: पत्नी और गर्लफ्रेंड ही नहीं नौकरानी को भी बना दिया ‘रानी’, 35 लाख की THAR से काम पर आती थी करोड़पति पारो BIHAR NEWS : रुपए के लेन-देन के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या, चचेरे भाई पर हत्या का आरोप बिहार पुलिस की कस्टडी में युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, थाने में बेरहमी से मारपीट का आरोप
30-Sep-2020 04:40 PM
By Meraj Ahmad
GOPALGANJ : गोपालगंज में दोबारा आई बाढ़ से बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. सारण मुख्य तटबंध के टूटने के कारण बैकुंठपुर, बरौली प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ के पानी ने चारों तरफ तबाही मचा दिया है. कई गांवों के मुख्य सड़क पानी के तेज बहाव से टूट गए हैं. सड़क के टूटने और पानी के तेज बहाव से जहां आवागमन ठप हो गया है. वहीं बाढ़ का पानी सैकड़ों घरों में प्रवेश कर गया है. बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही बैकुंठपुर, बरौली प्रखंड में हुई है. इस प्रखंड के कई पंचायत पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ का पानी ऐसे फैल रहा है की चारों तरफ तबाही मच गई है.
बरौली के देवापुर के वार्ड नंबर 08 में बाढ़ पीड़ितों का हाल ख़राब है. बाढ़ का पानी इन लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है. बाढ़ पीड़ित कृष्णा सिंह के मुताबिक अभी बाढ़ से वो लोग उबरे ही थे कि दोबारा आई बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी है. इन लोगों के खाने-पीने का सभी सामान भींग गया है. घर के रसोई घर में भी बाढ़ का पानी फ़ैल गया है जिससे इन लोगों को खाने-पीने और रहने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और महिलाओं को हो रही है.
वहीं देवापुर पंचायत के नन्हे सिंह के मुताबिक दोबारा बांध टूटने की वजह से करीब दो हजार घर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं. कितने लोग अपने घर की छतों पर शरण लिए हुए है. तो कितने लोग सड़क पर टेंट गिरा कर रहने को मजबूर है. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के कारण इन बाढ़ पीड़ितों को न कोई नेता पूछने आते हैं और न ही अधिकारी की मदद मिल रही है.