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Bihar Police: नौबतपुर के कुख्यात मनोज - माणिक को STF ने बंगलौर में घेरा...पूरे परिवार के साथ रह रहा था, पुलिस से घिरने के बाद वीडियो किया जारी.....

Patna STF : बेंगलुरु में पटना STF द्वारा गिरफ्तारी के बाद युवक ने फर्जी एनकाउंटर की आशंका जताई। हथियार बरामदगी के नाम पर जान के खतरे की चेतावनी दी गई है।

Bihar Police:  नौबतपुर के कुख्यात मनोज - माणिक को STF ने बंगलौर में घेरा...पूरे परिवार के साथ रह रहा था, पुलिस से घिरने के बाद वीडियो किया जारी.....
Tejpratap
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Patna STF : बिहार के पटना जिले से जुड़े एक मामले में बेंगलुरु से सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। नौबतपुर थाना क्षेत्र के शंभूपुरा गांव के रहने वाले एक युवक ने पटना एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि पटना एसटीएफ की टीम बेंगलुरु पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले चुकी है और अब उनके फर्जी एनकाउंटर की तैयारी की जा रही है।


पीड़ित युवक ने अपने बयान में कहा है कि उसके घर के नीचे पटना एसटीएफ की टीम मौजूद है और हथियार बरामदगी के नाम पर एनकाउंटर की साजिश रची जा रही है। युवक ने आशंका जताई है कि उसे कानून के दायरे में पेश करने के बजाय किसी झूठे मुठभेड़ में मारा जा सकता है।


युवक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह किसी भी प्रकार के अवैध हथियार या आपराधिक गतिविधि से जुड़ा नहीं है। उसने मांग की है कि अगर उसे गिरफ्तार किया गया है तो उसे विधिवत हथकड़ी लगाकर, गिरफ्तारी मेमो तैयार कर, स्थानीय पुलिस और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।


पीड़ित ने अपनी पहचान नौबतपुर के शंभूपुरा गांव निवासी के रूप में बताई है। उसने अपने पिता का नाम मनोज सिंह बताया है और खुद का नाम माणिक बताया है, इसके ऊपर दर्जनों अपराध का मामला दर्ज है। युवक के अनुसार वह वर्तमान में रोजगार के सिलसिले में बेंगलुरु में रह रहा था, तभी पटना एसटीएफ की टीम वहां पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया गया।


युवक ने यह भी दावा किया है कि हिरासत के दौरान उसे डराया-धमकाया जा रहा है और उस पर हथियार बरामदगी का झूठा केस डालने की बात कही जा रही है। उसने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम उसकी जान के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।


इस मामले में युवक ने मीडिया, मानवाधिकार संगठनों और न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग की है। उसने अपील की है कि उसके मामले में निष्पक्ष जांच हो और किसी भी संभावित फर्जी एनकाउंटर को रोका जाए।फर्जी एनकाउंटर के आरोप बिहार पुलिस पर पहले भी लगते रहे हैं, हालांकि पुलिस प्रशासन ऐसे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। पुलिस का कहना होता है कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में और आत्मरक्षा में की जाती है।


हालांकि, इस ताजा मामले में अभी तक पटना एसटीएफ या बिहार पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी प्रकार की कार्रवाई संविधान और मानवाधिकारों का उल्लंघन मानी जाती है।


फिलहाल यह मामला गंभीर आरोपों और आशंकाओं के बीच फंसा हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या युवक को सुरक्षित रूप से कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है या नहीं।