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Teacher Transfer : TRE -3 पास टीचर के लिए इस महीने से शुरू होगी होम पोस्टिंग, विधानसभा में उठा सवाल तो मंत्री सुनील कुमार ने दिया जवाब

Teacher Transfer : बिहार विधानसभा में TRE-3 पास शिक्षकों की होम पोस्टिंग को लेकर उठे सवाल का जवाब शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया। मंत्री ने कहा कि जो शिक्षक TRE-3 परीक्षा में सफल हुए हैं, उन्हें उनके गृह जिले या नजदीकी स्कूलों में प्राथमिकत

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 03, 2026, 11:12:05 AM

Teacher Transfer : TRE -3 पास टीचर के लिए इस महीने से शुरू होगी होम पोस्टिंग, विधानसभा में उठा सवाल तो मंत्री सुनील कुमार ने दिया जवाब

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Teacher Transfer : बिहार विधानसभा में शिक्षक पोस्टिंग को लेकर एक अहम सवाल उठाया गया, जिसमें विशेष रूप से TRE-3 पास शिक्षकों की होम पोस्टिंग पर चर्चा हुई। सदन में सवाल पूछा गया कि जो शिक्षक TRE-3 परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें उनकी गृह जिलों या नजदीकी स्कूलों में कब स्थानांतरित किया जाएगा। यह मुद्दा कई शिक्षकों के लिए लंबे समय से संवेदनशील रहा है, क्योंकि दूर-दराज़ के क्षेत्रों में तैनाती और लंबे समय तक अलग जिले में रहने से उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक परेशानियां बढ़ जाती हैं।


इस सवाल का जवाब शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधानसभा में दिया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि TRE-3 पास शिक्षक जल्द ही होम पोस्टिंग के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया की पूर्व योजना और सूची तैयार कर ली है, और प्राथमिकता उन शिक्षकों को दी जाएगी जो अपने गृह जिले या नजदीकी स्थान पर पोस्टिंग के लिए आवेदन करेंगे। मंत्री ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी शिक्षक को लंबा इंतजार न करना पड़े।


इसके साथ ही मंत्री ने यह भरोसा भी दिया कि होम पोस्टिंग की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी और शिक्षा विभाग ने इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि होम पोस्टिंग के तहत शिक्षक अपने गृह जिले में स्कूलों में काम करेंगे, जिससे न केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याओं में राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय शिक्षा प्रणाली को भी लाभ होगा।


सदन में मंत्री के इस बयान से TRE-3 पास शिक्षकों में खुशी और संतोष का माहौल बना। शिक्षक संघ और कई विधायक भी इस फैसले का स्वागत करते हुए मानते हैं कि इससे शिक्षा क्षेत्र में स्थायित्व और शिक्षक संतुष्टि बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह कदम शिक्षकों की भलाई और शिक्षा प्रणाली की मजबूती दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।