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Anant Singh : अनंत सिंह ने विधायक पद की शपथ ली, सीएम नीतीश का पैर छूकर लिया आशीर्वाद; बोले—मेरे साथ न्याय होगा

Anant Singh : बाहुबली नेता अनंत सिंह ने मोकामा से विधायक पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा—मेरे साथ न्याय होगा।

Anant Singh : अनंत सिंह ने विधायक पद की शपथ ली, सीएम नीतीश का पैर छूकर लिया आशीर्वाद; बोले—मेरे साथ न्याय होगा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Anant Singh : बाहुबली नेता और मोकामा से निर्वाचित विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ ग्रहण कर ली। लंबे कानूनी संघर्ष और राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बाद विधानसभा पहुंचने पर अनंत सिंह का अंदाज चर्चा का विषय बन गया। शपथ लेने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अंततः उनके साथ न्याय होगा।


अनंत सिंह को पटना सिविल कोर्ट से विधानसभा में शपथ लेने की अनुमति मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सदन लाया गया। विधानसभा परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शपथ ग्रहण के दौरान सदन में मौजूद विधायकों और दर्शकों की नजरें अनंत सिंह पर टिकी रहीं। शपथ पूरी होने के बाद उन्होंने शांत और भावुक अंदाज में अपनी बात रखी।


सीएम नीतीश कुमार का पैर छूने को लेकर अनंत सिंह ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत सम्मान और संस्कार है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री राज्य के मुखिया हैं। उनसे आशीर्वाद लेना मेरी परंपरा और आस्था का हिस्सा है।” इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया और संक्षिप्त बातचीत की। इस दृश्य को लेकर सदन के बाहर भी राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा रही।


मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ जो भी मामले चल रहे हैं, उनमें सच्चाई सामने आएगी। मुझे विश्वास है कि मेरे साथ न्याय होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें विधायक चुना है, वे उस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।


अनंत सिंह ने आगे कहा कि उनका मुख्य फोकस मोकामा विधानसभा क्षेत्र का विकास रहेगा। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को वे प्राथमिकता से उठाएंगे। “मेरे क्षेत्र की जनता ने हमेशा मेरा साथ दिया है। अब मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उनकी समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से रखूं,” उन्होंने कहा।


शपथ ग्रहण के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें अनंत सिंह की गतिविधियों पर रहीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनंत सिंह की वापसी से मोकामा की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है। वे पहले भी कई बार विवादों और बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।


उधर, जदयू और राजद सहित अन्य दलों के नेताओं ने इस घटनाक्रम पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ नेताओं ने इसे सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया बताया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक रूप से अहम कदम माना। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सरकार की ओर से इस पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है।


गौरतलब है कि अनंत सिंह लंबे समय से कानूनी मामलों में उलझे रहे हैं, जिसके कारण वे विधानसभा की कार्यवाही से दूर थे। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उनका शपथ ग्रहण संभव हो सका। इससे पहले उनके समर्थकों में भी शपथ को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी।


कुल मिलाकर, अनंत सिंह का विधायक पद की शपथ लेना और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लेना न सिर्फ एक राजनीतिक घटना रहा, बल्कि इसका प्रतीकात्मक संदेश भी खूब चर्चा में है। अब आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वे विधानसभा में किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं और अपने “न्याय” के भरोसे को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।