बिहार में सरकारी मास्टर को सिर मुंडवाकर पूरे बाजार में घुमाया, छात्रा से रेप की कोशिश में गिरफ्तार बिहार में 200 से अधिक प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण शुरू, गुणवत्ता पर विशेष जोर सहरसा में लौंडा-नाच करने वाले 4 दोस्तों ने खा लिया कीटनाशक, दो की मौत Bihar Crime News: मामूली विवाद को लेकर युवक की पीट-पीटकर ले ली जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: शराबबंदी वाले राज्य में 70 लाख की शराब जब्त, ट्रक से बिहार पहुंची थी बड़ी खेप; दो तस्कर गिरफ्तार Bihar Crime News: शराबबंदी वाले राज्य में 70 लाख की शराब जब्त, ट्रक से बिहार पहुंची थी बड़ी खेप; दो तस्कर गिरफ्तार Bihar News: ढाका विधानसभा सीट पर फिर होंगे चुनाव ? पवन जायसवाल ने पटना हाईकोर्ट में किया है केस, 10 तारीख को RO को न्यायालय में 'शपथ' देने का आदेश Bihar Bhumi: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री का डेट बढ़ा, अब इस दिन तक चलेगा विशेष कैम्प; डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने दिए निर्देश Bihar Bhumi: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री का डेट बढ़ा, अब इस दिन तक चलेगा विशेष कैम्प; डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने दिए निर्देश पटना विमेंस कॉलेज में दो दिवसीय हेल्थ कैंप, 200 से ज्यादा छात्राओं-अभिभावकों का नि:शुल्क जांच
02-Jul-2024 10:22 PM
By First Bihar
PATNA: दो सप्ताह के अंदर बिहार में 6 पुल ढह गये। अब इस मामले की जांच के आदेश नीतीश सरकार ने दिये हैं। मामले की जांच के लिए मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जो तीन दिन में जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
मंत्री अशोक चौधरी ने इस बात की जानकारी दी। बताया कि मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में बनी कमेटी इन पुलों के ढहने के पीछे के कारणों की जांच करेगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करेगी। इन पुलों के ढहने की असली वजह क्या है? इस बात का पता कमेटी लगाएगी और दोबारा इस तरह की घटनाएं ना हो इस बारे में अपनी राय रखेगी। अररिया, सिवान,पश्चिम चंपारण, किशनगंज में पुल के गिरने की बात सामने आई थी।
बता दें कि अररिया, सिवान, मोतिहारी और किशनगंज में पुल ध्वस्त हुआ था। किशनगंज में मारिया नदी पर बना पुल धंस गया जिससे बहादुरगंज और दीघलबैंक के बीच का संपर्क टूट गया था।यह पुल 2011 में तैयार हुआ था। 70 मीटर के इस पुल का निर्माण मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने में 25 लाख रुपए की लागत आई थी। लेकिन यह पुल भी ढेर हो गया।
हालांकि जब पुल धंसा तो कोई भी राहगीर इसपर से गुजर नहीं रहा था। इसके साथ ही एप्रोच रास्ते भी धंस चुके हैं। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने बैरिकेडिंग लगाकर दोनों ओर से रास्ते को रोक दिया गया है। फिर भी कुछ लोग जान जोखिम में डालकर पुल के ऊपर से गुजर रहे हैं। लोगों में इसको लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
वही 18 जुलाई को अररिया में एक पुल उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद इसके निर्माण कार्य पर ही सवाल उठने लगा। वही 23 जून को पश्चिम चंपारण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाए जा रहे एक निर्माणधीन पुल का हिस्सा गिर गया था। जबकि 22 जून को सीवान के महाराजगंज में पुल गंडक नहर में समा गया। अररिया पुल हादसे में लापरवाही बरतने के आरोप में 4 इंजीनियर को सस्पेंड किया गया था।