ब्रेकिंग न्यूज़

मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि Bihar News: होली पर घर आना चाहते हैं तो आपके लिए है 285 स्पेशल ट्रेन, ECR ने दी जानकारी Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त बिहटा के NSMCH में Annual College Fest “ADRENERGY 2.0” का भव्य शुभारंभ, 8 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम मधुबनी: अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, चार ठग गिरफ्तार Bihar News: होली-ईद पर यात्रियों को बड़ी राहत, बिहार के इस शहर से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष बस सेवा शुरू

मनु महाराज ने अपने ही ऑफिस के मुंशी और सिपाही को भेजा जेल, फरियादी से कर रहे थे वसूली

मनु महाराज ने अपने ही ऑफिस के मुंशी और सिपाही को भेजा जेल, फरियादी से कर रहे थे वसूली

17-Dec-2019 03:45 PM

By saif ali

MUNGER : डीआईजी मनु महाराज अपने खास अंदाज के लिए हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं. अपने ही कार्यालय मैं तैनात मुंशी और सिपाही को गिरफ्तार कर मनु महाराज ने जेल भिजवा दिया. इन दोनों पर डीआईजी ऑफिस में आए एक फरियादी से वसूली करने का आरोप लगा था. डीआईजी मनु महाराज ने इस पूरे मामले की जांच कराई तो सिपाही कुणाल कुमार और सुजीत कुमार दोषी पाए गए. 

मुंशी और सिपाही के ऊपर की गई इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए डीआईजी मनु महाराज ने बताया कि 14 दिसंबर को एक व्यक्ति ने जानकारी दी कि उनके कार्यालय में कार्यरत मुंशी और एक सिपाही ने रिश्वत की मांग की. डीआईजी की ओर से इस मामले में फौरन जांच करने का निर्देश दिया गया. जांच में मुंशी कुणाल कुमार और सिपाही सुजीत कुमार के ऊपर लगे आरोप सही साबित हुए. 

मुंगेर डीआईजी ने बताया कि दोनों ही पुलिसकर्मियों के ऊपर एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है. उन्होंने कहा कि अगर किसी कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है. तो लोग उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं. ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.