मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच पटना में पूर्वज स्मृति समारोह का आयोजन: समाज को सशक्त बनाने के लिए पूर्वजों के आदर्शों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट की बाइक और अवैध हथियारों के साथ 3 शातिर अपराधी गिरफ्तार
28-Jul-2020 03:09 PM
DARBHANGA : दरभंगा में पहली बार पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल के हड्डी रोग विषेशज्ञ डाॅ. अमित कुमार ने बिल्कुल नयी तकनीक टिबिया इंटरलाॅकिंग नेल बाई सुप्रा पटेलर एप्रोच विधि से एक 50 साल के शख्स के पैर में घुटना के ऊपर से राॅड लगाकर उसके पैर की सर्जरी की गई.
ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने बताया कि 7 साल पहले उसके घुटने की सर्जरी हुई थी लेकिन वह मुड़ नहीं रहा था. घुटने के नीचे से राॅड डालने के लिए उसे 90 डिग्री पर मोड़ना पड़ता है, लेकिन वह मुड़ नहीं रहा था. तब जाकर नई विधि का सहारा लिया गया. ऑपरेशन के 24 घंटे के बाद से वह चल भी रहा है औक उसका पैर बिल्कुल ठीक है.
ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में बाइक से धक्का लगने के कारण उसका दाहिना पैर टूट गया था तब उसे पारस ग्लोबल हाॅस्पिटल में लाया गया. पहले तो घुटने के नीचे से राॅड डालने का प्रयास किया गया, लेकिन जब घुटना 90 डिग्री पर नहीं मुड़ पाया तब जाकर नई विधि से ऑपरेशन किया गया. साधारण टिबिया नेल में दो से तीन स्क्रू डाला जाता है जबकि एक्सपर्ट टिबिया नेल में 4 से 5 स्क्रू डाला जा सकता है. एक्सपर्ट टिबिया नेल की डिजाइनिंग अलग होती है. इसमें दो स्क्रू ऊपर तथा चार स्क्रू नीचे डाला गया है जिससे इसकी मजबूती अचूक रहती है. डाॅ. कुमार ने कहा कि हमारे हाॅस्पिटल मे हर तरह की अत्याधुनिक मशीनें, उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए इस तरह का ऑपरेशन संभव है.