ब्रेकिंग न्यूज़

गुजरात के 32 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, वड़ोदरा-अहमदाबाद में ई-मेल से मचा हड़कंप बिहार के ‘थप्पड़बाज’ BDO की रंगबाजी देखिए: छोटी से बात पर युवक को बीच सड़क पर मारे ताबड़तोड़ कई थप्पड़, पैर पकड़कर गिड़गिड़ाता रहा लड़का fake teachers Bihar : वाह जी वाह ! शिक्षा विभाग के अंदर चल रहा बड़ा झोल, सस्पेंड टीचर की लग गई बोर्ड एग्जाम में ड्यूटी, DEO साहब सब जानते थे फिर भी ... RAILWAY UPDATE: 17 साल बाद फिर जगी उम्मीद: इस रेल लाइन परियोजना को मिली नई रफ्तार, सीमांचल में विकास की आस बिहार में जान से खिलवाड़: फैक्ट्री में धड़ल्ले से बनाई जा रही थीं नकली दवाएं, छापेमारी में 27 लाख की दवा जब्त बिहार में जान से खिलवाड़: फैक्ट्री में धड़ल्ले से बनाई जा रही थीं नकली दवाएं, छापेमारी में 27 लाख की दवा जब्त मुजफ्फरपुर में 9 लाख से अधिक महिलाओं को मिला मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ, सकरा की जीविका दीदी ने साझा किया अनुभव CBSE 12वीं बोर्ड 2026: सप्लीमेंट्री एग्जाम में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक ही सब्जेक्ट में नंबर सुधार संभव CBSE 12वीं बोर्ड 2026: सप्लीमेंट्री एग्जाम में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक ही सब्जेक्ट में नंबर सुधार संभव मुजफ्फरपुर में पताही एयरपोर्ट के लिए 43 करोड़ का टेंडर जारी, विकास को मिलेगी नई उड़ान

सावधान: कोराना का वैक्सीन लेने वाले 40 फीसदी लोगों में नहीं बन रहा एंटीबॉडी, उनके फिर से संक्रमित होने का खतरा

सावधान:  कोराना का वैक्सीन लेने वाले 40 फीसदी लोगों में नहीं बन रहा एंटीबॉडी, उनके फिर से संक्रमित होने का खतरा

19-May-2021 07:09 AM

PATNA : कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लेने वाले 40 फीसदी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है. वैक्सीन के दोनों डोज लेने के 14 दिन बाद भी उनमें एंटीबाडी नहीं बन पा रही है. लिहाजा उनके फिर से संक्रमित होने का उतना ही खतरा है जितना टीका नही लेने वाले लोगों का. पटना एम्स में किये गये शोध में ये बात सामने आयी है.

पटना एम्स का वैक्सीन पर रिसर्च

पटना एम्स ने वैक्सीन का दोनों डोज ले लाने वाले लोगों पर रिसर्च किया है. उसमें पता चला कि वैक्सीन का दोनों डोज लेने के 14 दिन बाद भी सिर्फ 60 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी बन पा रहा है. यानि 100 में से सिर्फ 60 लोग ही कोरोना से सुरक्षित हो पा रहे हैं. उनपर वही खतरा है जो टीका नहीं लेने वाले व्यक्ति पर है.

पटना एम्स ने कोरोना के 100-100 मरीजों की एंटीबॉडी रिपोर्ट को अलग अलग तरीके से अध्ययन किया है. रिसर्च करने वाली डॉक्टर नेहा सिंह ने बताया कि एम्स में कोरोना वैक्सीन का दोनो डोज लेने वाले लोगों के साथ साथ सामान्य कोरोना मरीजों के बॉडी में बनने वाले एंटीबॉडी का अध्ययन किया गया. अब तक जो जानकारी मिल रही है उससे ये लग रहा है कि वैक्सीन लेने वाले लोगों में समान रूप से एंटीबॉडी नहीं बन पा रहा है. 

डॉ नेहा सिंह ने बताया कि अलग अलग लोगो के शरीर में इम्युन का सिस्टम अलग अलग होता है. इसके कारण ही ये देखने को मिल रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही परिवार के कई लोग जब एक साथ संक्रमित हो जा रहे हैं तो कुछ ठीक हो जा रहे हैं और कुछ की मौत हो जा रही है. ये उनके शरीर के इम्युन सिस्टम का असर होता है. जिसका इम्युन सिस्टम जितना बेहतर होता है उतना बढिया एंडी बॉडी बनता है. 

क्या करें वैक्सीन लेने वाले

डॉक्टर कह रहे हैं कि जिन लोगों में एंटीबॉडी नहीं बन पा रही है उन्हें अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना होगा. उन्हें वही तरीका अपनाना होगा, जो सामान्य लोग अपना रहे हैं. यानि मास्क, दो गज की दूरी और हाथ को सेनेटाइज करते रहना. वैसे एम्स में रिचर्स जारी है. उसमें कुछ नये नतीजे भी आ सकते हैं.