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09-Jan-2023 05:58 PM
PATNA: एनडीए से अलग होने के बाद से ही नीतीश के करीबी नेता दावा करते रहे कि नीतीश कुमार 2024 के लोगसभा चुनाव में पीएम के उम्मीदवार होंगे हालांकि नीतीश कुमार यह कहते रहे हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री बनने की कोई लालसा नहीं है। ऐसे कई मौके आए जब खुद नीतीश की पार्टी जेडीयू ने राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और अन्य नेता इस बात का दावा किया कि नीतीश पीएम मटेरियल हैं और जनता चाहेगी तो वे देश के अगले प्रधानमंत्री होंगे। रविवार को ललन सिंह ने मुंगेर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीतीश कुमार की तुलना करते हुए कहा कि नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री उम्मीदवार हैं। ललन सिंह के इस बयान के बाद एक बार फिर से बिहार की राजनीति गरमा गई है। ललन सिंह के दावे पर बीजेपी सांसद सुशील मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सुशील मोदी ने कहा है कि नीतीश खुद अपने मुंह से पीएम उम्मीदवार बनने की बात भले ही नहीं कह रहे हैं लेकिन उनके मन में लड्डू जरूर फूट रहा है। उन्होंने कहा कि लाख कोशिश कर लें लेकिन नीतीश इस जिंदगी में कभी भी देश के प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।
सुशील मोदी ने कहा कि कोई भी ऐसा नेता नहीं है जिसने कभी भी अपने मुंह से कहा हो कि वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेता खुद तो अपने मुंह से कुछ नहीं कहते लेकिन अपने आसपास रहने वाले नेताओं से नारा लगवाते हैं कि देश का नेता कैसा हो। नीतीश कुमार के मन में है कि वे 18 साल बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो मैं क्यों नहीं बन सकता हूं। नीतीश मानते हैं कि अगर देवगौड़ा और गुजराल देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो वे क्यों हीं पीएम बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के मन के अंदर तो प्रधानमंत्री बनने का लड्डू फूट रहा है लेकिन उन्हें खुद अपने मुंह से बोलने में संकोच हो रही है। किसी भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान का मतलब होता है पार्टी का बयान। किसी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष विधायक दल के नेता से भी बड़ा नेता माना जाता है। ललन सिंह अगर बयान दे रहे हैं कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के उम्मीदवार होंगे, तो यह उनकी पार्टी का आधिकारिक बयान है। नीतीश कुमार चाहे अपने मुंह से कुछ भी कहें लेकिन उनकी पार्टी के सारे लोग चुनाव में यही कहने वाले हैं कि पहली बार एक बिहारी देश का प्रधानमंत्री बनेगा। यह बात कहकर नीतीश के पार्टी के नेता बिहारियों की भावना को जगाने की कोशिश करेंगे।
सुशील मोदी ने आगे कहा कि नीतीश और उनके नेता चाहे जो कर लें उन्हें इसका लाभ नहीं मिलने वाला है। जब कोई व्यक्ति अपने राज्य की 44 सीटें नहीं जीत सकता और उसमें वोट का ट्रांसफर करने की क्षमता खत्म हो गई हो, वह देश का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है। नीतीश कुमार से ज्यादा दावेदार को ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेता हो सकते हैं, जिनकी दो राज्यों में सरकार है। सपना देखने में कोई गुनाह नहीं है, नीतीश कुमार इसके लिए स्वतंत्र हैं।
वहीं ललन सिंह के यह दावा करने पर कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर पीएम हो सकते हैं, इसपर सुशील मोदी ने कहा कि कौन बेहतर है यह मायने नहीं रखता है, प्रधानमंत्री वही बनेगा जिसके पास ढाई सौ से अधिक लोकसभा की सीटें होंगी। लालू प्रसाद द्वारा दही का टीका लगाने से कोई प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है, उसे जनता का आशीर्वाद चाहिए। वहीं विपक्षी दलों को एकजुट करने की नीतीश की मुहिम ठंडी पड़ने के सवाल पर सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार जेट प्लेन की खरीदारी का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें बैठकर वो देशव्यापी दौरा कर सकें। अगर नीतीश पूरे देश में जाएंगे भी तो कांग्रेस शासित राज्यों के अलावा उनका कोई समर्थन नहीं करेगा। नीतीश कुमार को भी यह बात अच्छे से पता है कि इस जिंदगी में वे देश के प्रधानमंत्री कभी नहीं बन सकते हैं।