समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच पटना में पूर्वज स्मृति समारोह का आयोजन: समाज को सशक्त बनाने के लिए पूर्वजों के आदर्शों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट की बाइक और अवैध हथियारों के साथ 3 शातिर अपराधी गिरफ्तार पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बिहार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले दीपक प्रकाश? पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बिहार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले दीपक प्रकाश? ‘धुरंधर 2’ फिल्म देखकर घर लौट रहे युवकों पर पुलिस का कहर, थाना प्रभारी पर दो भाईयों को रातभर पीटने का आरोप Bihar News: विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुल के तीन पिलर झुके, सब स्ट्रक्चर का काम ठप; निर्माण कार्य पर उठे सवाल Bihar News: विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुल के तीन पिलर झुके, सब स्ट्रक्चर का काम ठप; निर्माण कार्य पर उठे सवाल
12-Aug-2020 05:04 PM
By Ranjan Kumar
KAIMUR : कोरोना काल के बीच बिहार में स्वास्थ्य विभाग का एक नया कारनामा सामने आया है. ताजा मामला कैमूर जिले का है. यहां कैमूर सिविल सर्जन ने मरे हुए व्यक्ति पर केस कर दिया है. जिसकी छानबीन की जा रही है.
पूरा मामला कैमूर जिले का है, जहां सिविल सर्जन अरुण तिवारी ने मोहनिया के मृत x-ray टेक्निशियन अजित कुमार पर एफआईआर किया है. बताया जा रहा है कि एक्सरे टेक्नीशियन का नियुक्ति पर संदेह होने के बाद कैमूर सिविल सर्जन ने इसकी जांच निदेशक प्रमुख लोक नियंत्रण को पत्र भेजकर किया. जिसमें छह लोगों का नियुक्ति फर्जी पाया गया था, जिनके ऊपर निदेशक ने प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया था.
मोहनिया अनुमंडल अस्पताल में जिस फर्जी टेक्नीशियन अजीत कुमार पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश जारी हुआ है, वह एक्सरे टेक्नीशियन 2 से ढाई महीना ड्यूटी करने के बाद से ही बीमार चल रहे थे. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत भी हो गई थी. अनुमंडल अस्पताल के आंकड़े में x-ray टेक्निशियन अजीत कुमार के मौत हुए एक साल से ज्यादा समय बीत गया फिर भी सदर अस्पताल के रिकॉर्ड में कैसे उसका नाम नहीं हटा बड़ा गंभीर मामला है.
अनुमंडल अस्पताल उपाधीक्षक चंदेश्वरी रजक बताते हैं कि 2018 में एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर अजीत कुमार की बहाली मोहनिया मे हुई थी. 2 से ढाई महीना ड्यूटी करने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई. जहां पटना में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. उनको एक रुपए का भी वेतन भुगतान नहीं किया जा सका है.