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03-Aug-2020 07:59 AM
DESK : आईपीएल गवर्निंग कौंसिल की कल हुई बैठक में कई अहम् फैसले लिए गए. साथ ही इस टूर्नामेट को यूएई में आयोजित करने की मंजूरी भी सरकार के तरफ से मिल गई है. पर इन सब के बीच आईपीएल के टाइटल स्पॉन्सर को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया है.
हाल के दिनों में भारत और चीन के बिगड़ते संबंध के बाद भारत ने चीन के कई ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था. ऐसे में चीन की मोबाइल कंपनी वीवो को इंडियन प्रीमियर लीग की टाइटल स्पॉन्सर बनाये रखने पर विवाद बढ़ता जा रहा है. कल आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में इस फैसले पर मुहर लगा दी गई की लीग का टाइटल स्पॉन्सर विवो ही रहेगा. हालांकि बोर्ड की तरफ से पहले ही संकेत दिए जा रहे थे कि वीवो टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर लीग के साथ जुड़ा रहेगा.
इस पुरे मामले में बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि," इस मामले पर चर्चा की गई थी और फैसला लिया गया है कि वीवो के साथ करार जारी रहेगा. बीसीसीआई ने यह फैसला प्रायोजक करार को देखने और इस मामले पर कानूनी सलाह लेने के बाद लिया है.
बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने पहले ही इस बारे में संकेत दिए थे कि वीवो टाइटल स्पॉन्सर बना रहेगा. अरुण धूमल का मानना था कि चूंकि वीवो की वजह से इंडियन प्रीमियर लीग को आर्थिक फायदा ही हो रहा है, इसलिए इसे फिलहाल के लिए जारी रखना भी ठीक है.
माना जा रहा है कि बीसीसीआई ने ये फैसला इस लिए लिया है क्यों कि लीग से ठीक पहले वीवो की टाइटल स्पान्सर से छुट्टी कर दी जायेगी तो उसे इसके बदले में जुर्माना चुकाना पड़ सकता है. इतना ही नहीं बोर्ड के सामने नया स्पॉन्सर खोजने की परेशानी भी खड़ी हो जाएगी.