ब्रेकिंग न्यूज़

दिल्ली में शाहनवाज हुसैन के आवास पर ईद मिलन समारोह, नितिन नबीन-चिराग पासवान सहित कई बड़े नेता रहे मौजूद मुजफ्फरपुर में ईद पर विरोध प्रदर्शन, शिया समुदाय ने काली पट्टी बांधकर अमेरिका-इजराइल के खिलाफ जताया विरोध बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच

Home / news / सरकारी सिस्टम को हो गया कोरोना, बक्सर में संक्रमण की शर्मनाक तस्वीर देखिए

सरकारी सिस्टम को हो गया कोरोना, बक्सर में संक्रमण की शर्मनाक तस्वीर देखिए

24-Jul-2020 01:54 PM

By Ajay Ray

BUXAR: पिता कंधे पर ऑक्सीजन का सिलेंडर तो मां गोद में लिए नवजात को इलाज के लिए बक्सर सदर हॉस्पिटल में भटकती रही है. यह हाल वहां का है जहां के सांसद केंद्र में खुद स्वास्थ्य राज्य मंत्री हैं. 

ये तस्वीर बक्सर सदर हॉस्पिटल की तो पोल खोल ही रही है. ये सबसे बड़ी नाकामी केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की दिखा रही है और यह बता रही है कि चौबे जी सिर्फ बयान देने के अलावे अपने क्षेत्र को लेकर कुछ नहीं किए. दावे तो बड़े-बड़े करते हैं, लेकिन उस दावे का दम निकल जाता है. जिसका नमुना यह तस्वीर हैं. जो अपने संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ नहीं कर सकते उस मंत्री से देश की जनता क्या उम्मीद कर सकती है.. 

कोरोना संकट के बाद हॉस्पिटल की स्थिति खराब

कोरोना संकट के बाद बक्सर की स्थिति और खराब हो गई है. मंत्री साहब अपने क्षेत्र की जनता को छोड़ दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. बक्सर में कोरोना से कोहराम मचा हुआ है. कोई गली और मुहल्ला नहीं है जिस एरिया में कोरोना का पॉजिटिव मरीज नहीं है. इलाज करने वाले डॉक्टर सदर हॉस्पिटल में नहीं हैं. ये परिवार भी मासूम बच्चे को लेकर इलाज के लिए गया था. लेकिन वह इलाज के लिए कंधे पर ऑक्सीजन का सिलेंडर लेकर डॉक्टर को खोजता रहा है.