ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में NDA ने सारी सीटें जीती: BJP कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल, जयश्री राम के लगे नारे राज्यसभा चुनाव के नतीजे आधिकारिक तौर पर जारी, नीतीश कुमार और नितिन नबीन को 44 विधायकों का मिला वोट उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की अपील का असर, करीब 300 राजस्व अधिकारी हड़ताल छोड़ काम पर लौटे नालंदा में 17 हजार रुपये घूस लेते शिक्षक गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथ दबोचा Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद Bihar Crime News: फायरिंग मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, छह लोगों को किया गिरफ्तार; पिस्टल और गोलियां बरामद Bihar News: राज्यसभा की पांचों सीट पर NDA प्रत्याशी जीते, जेडीयू महासचिव बोले– नीतीश कुमार के नेतृत्व की जीत सरकारी भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने राज्य में 10 उड़नदस्ता टीमें गठित, विशेष जांच अभियान ‘राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप ‘राज्यसभा चुनाव में BJP ने की विधायकों की खरीद-फरोख्त’, मुकेश सहनी का बड़ा आरोप

Home / news / वाह रे..सुशासन की पुलिस, जिन्होंने AES के कारण अपने बच्चे खोए, उनपर ही...

वाह रे..सुशासन की पुलिस, जिन्होंने AES के कारण अपने बच्चे खोए, उनपर ही कर दिया FIR

26-Jun-2019 08:55 AM

By 2

VAISHALI : बिहार में चमकी बुखार से भले ही डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की जान चली गई हो, हर रोज बेखौफ अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हो लेकिन सुशासन की सरकार और उसकी पुलिस के काम करने का अंदाज अब भी नहीं बदला है। वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव के साथ सुशासन की पुलिस ने जो कुछ किया है, उसने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कि सुशासन सरकार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सुशासन की पुलिस ने वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव के ऐसे 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है जिन्होंने अपने बच्चों को चमकी बुखार की वजह से खो दिया। पुलिस ने इनके खिलाफ जो मामला दर्ज किया है उसमें नेशनल हाईवे को जाम करने का आरोप लगाया गया है। हरिवंशपुर गांव के यह वो लोग हैं जो अपने बच्चों की मौत के बाद गुस्से में सड़क पर आ गए थे। अपनी बेटी को चमकी बुखार की वजह से खो चुके राजेश सहनी कहते हैं कि उन्हें जानकारी मिली थी कि नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर जा रहे हैं लिहाजा वह सड़क पर इस उम्मीद में आए थे शायद मुख्यमंत्री या अधिकारियों के सामने अपना दर्द बयां कर सकेंगे। लेकिन उल्टे पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया। हद तो यह है कि पुलिस ने बिना समझे बुझे गांव के एक विकलांग व्यक्ति के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। यह हाल सुशासन की पुलिस का है जिसके नाक के नीचे अपराधी रोज दिन लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि जो सरकार बच्चों की मौत के बाद लोगों की आंख का आंसू नहीं पोंछ सकी क्या उसे पीड़ित परिवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।